बदायूं। करीब चार साल पहले नाबालिग सौतेली पुत्री से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट रमाशंकर सिंह ने नामजद आरोपी को 15 साल की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने उस पर 62 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने जुर्माना जमा होने पर संपूर्ण धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
थाना अलापुर क्षेत्र की महिला ने दो सितंबर 2016 को थाने पर तहरीर दी थी कि उसने अपने पति को चार वर्ष पहले छोड़ दिया था। इसके बाद वह अपने नाबालिग पुत्री के साथ कस्बा अलापुर के मोहल्ला कछियाना निवासी बृजेश पुत्र ऋषिपाल के साथ रह रही थी। बृजेश ने उसकी गैर मौजूदगी में 24 अगस्त 2016 को उसकी नाबालिग पुत्री के साथ तमंचा का भय दिखाकर दुष्कर्म किया। महिला की पुत्री गर्भवती हो गई और उसने अपनी मां को सारा वाकया बताया। महिला ने बृजेश से शिकायत की तो उसने नाबालिग पीड़िता का जबरदस्ती गर्भपात करा दिया। इससे नाबालिग पीड़िता की हालत खराब हो गई और बमुश्किल उसकी जान बच सकी।
बृजेश ने महिला व उसकी नाबालिग पुत्री को धमकी भी दी। कहा कि किसी को बताया तो दोनों को जान से मार देगा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी बृजेश को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट रमाशंकर सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मदनलाल राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद आरोपी बृजेश पुत्र ऋषिपाल निवासी मोहल्ला कछियाना कस्बा व थाना अलापुर जिला बदायूं को मुजरिम ठहराते हुए कोर्ट ने 15 साल की सजा सुनाई साथ ही 62 हजार का अर्थदंड भी लगाया।