दबाव बनाने को चकरोड भी किसान के खेत में निकाल दिया था
नवाबगंज। रिश्वत लेकर भूमि की पैमाइश करने वाले लेखपाल जमीन नापने से पहले खुद ही नप गए। कार्रवाई से कुछ ही देर पहले कानूनगो ने भी उन्हें किसान को परेशान न करने की सलाह दी लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। टीम जब लेखपाल को कोतवाली ले गई तो उनका सिर शर्म से झुक गया। टीम ने जब लेखपाल के हाथ धुलवाए तो पानी रंगीन हो गया।
रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ लेखपाल रामचंद्र गंगवार सीतापुर में थाना महोली के गांव छहुलिया का निवासी है। ढाई साल से नवाबगंज में तैनात लेखपाल ने किसान रामचंद्र को काफी परेशान कर रखा था। आरोप है कि उसने दूसरे पक्ष से सेटिंग कर रामपाल की बची हुई जमीन में चकरोड की जगह और निकाल दी। तब रामपाल ने तूदाबंदी के लिए मुकदमा दायर किया, जिसमें पांच फरवरी को सुनवाई है। बताया जाता है कि कार्रवाई से थोड़ी देर पहले रामपाल तहसील में कानूनगो शराफत हुसैन के पास गए थे। यहां लेखपाल रामचंद्र भी आ गया। तब कानूनगो ने रामचंद्र से कहा कि रामपाल सिंह भले किसान हैं, इन्हें परेशान मत करो। मगर उसने नहीं सुना और कुछ देर बाद ही एंटीकरप्शन ने उसे दबोच लिया।
पहले भी पकड़े गए मामले
नवाबगंज तहसील में दो साल पहले एंटीकरप्शन टीम ने नत्थूलाल लेखपाल को किसान से रिश्वत लेते पकड़ा था। पिछले दिनों एंटीकरप्शन एसपी राजीव मल्होत्रा के निर्देश पर रुहेलखंड डिपो का बाबू राजीव सक्सेना रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद एआरएम को भी बतौर आरोपी नामजद किया गया था, जिसकी जांच इंस्पेक्टर चरन सिंह कर रहे हैं। इनके अलावा टीम ने आंवला तहसील के कानूनगो व लेखपाल, विकास भवन के बाबू, बारादरी थाने के दरोगा योगेश गौतम को भी रंगेहाथ पकड़ा था।
यहां करें शिकायत
अगर आपसे भी कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांग रहा है तो पुलिस लाइन गेट के पास बने एंटी करप्शन दफ्तर में शिकायत कर सकते हैं। स्थानीय यूनिट के प्रभारी सुरेंद्र सिंह से 9454401653 नंबर पर शिकायत की जा सकती है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी टीम जांच करती है, हालांकि इस तरह की जांच शासन या उच्चाधिकारियों के आदेश पर की जाती है।