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संतोष को भी असंतोष.. बंद क्यों नहीं होते हुक्का बार

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इज्जतनगर में रिटायर्ड पुलिस अफसर का बेटा स्नूकर क्लब की आड़ में चला रहा है हुक्का बार, पुलिस झांकती तक नहीं
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बरेली। शहर में आखिर यह भी मिसाल कायम हो गई कि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के सीधे मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखे जाने के बावजूद अवैध हुक्का बार पर अफसरशाही टस से मस नहीं हुई। महीनों बाद केंद्रीय मंत्री को अब तक नहीं पता है कि उनके पत्र पर क्या कार्रवाई हुई। इस बीच महीनों बाद प्रेमनगर पुलिस की कार्रवाई से इतना जरूर साबित हुआ कि युवा पीढ़ी को नशे की लत लगाकर मुनाफा कमाने का यह धंधा और सुनियोजित और मजबूत हो गया है। बताया जा रहा है कि इज्जतनगर में एक स्नूकर क्लब की आड़ में हुक्का बार शुरू किया गया है तो बड़ा बाईपास पर कई ढाबों में भी यही खेल शुरू कर दिया गया है।
इज्जतनगर इलाके में आने वाले मिनी बाईपास पर स्नूकर क्लब चलाया जा रहा हुक्का बार शहर से कुछ दूर होने की वजह से युवाओं की खास पसंद बना हुआ है। एक रिटायर्ड पुलिस अफसर का बेटा स्नूकर के बहाने युवाओं को नशे का आदी बना है। कई खास ग्राहक लड़कियां लेकर यहां पहुंचते हैं जिनके लिए यहां अलग केबिन उपलब्ध होता है। नाबालिग लड़के और लड़कियां भी इस बार के ग्राहक हैं। हुक्का बार चलाने वालों का पुलिस से भी तालमेल बताया जाता है इसी वजह से अब तक यहां एक बार भी पुलिस का छापा नहीं पड़ा। इसी तरह शहर के बाहरी इलाकों में और भी कई जगह नशे का धंधा शुरू हो गया है। बड़ा बाईपास पर कई ढाबों में युवाओं को नशा परोसा जा रहा है। इन ढाबों में नाबालिग छात्र-छात्राओं को तक अलग झोपड़ीनुमा केबिन कराया जाता है। अक्सर इन ढाबों पर प्रतिष्ठित स्कूलों के बच्चे यूनिफार्म में ही नशा करने पहुंचते हैं। इन ढाबों पर भी पुलिस ने आज तक चेकिंग नहीं की।
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खुद को बताता था बैंक स्टाफ निकला नशे का धंधेबाज
दूसरी बार हुक्का बार चलाते हुए पकड़ा गया अभिलाष बाकी तीन आरोपियों के साथ 24 घंटे के अंदर जमानत पर रिहा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। प्रेमनगर इलाके में मंगलवार रात हुक्का बार पर कार्रवाई के बाद दूसरे हुक्का बार चलाने वाले सतर्क हो गए हैं। प्रेमनगर में हुक्का बार चलाते पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने दो मामले दर्ज किए, हालांकि अदालत से 24 घंटे के अंदर सभी को जमानत मिल गई। दूसरी बार हुक्का बार चलाते पकड़ा गया बैकप बार का मालिक अभिलाष खुद को बैंक कर्मचारी बताता था।
मंगलवार रात प्रेमनगर पुलिस ने ब्रूवेरी बार के मालिक अक्षय कुमार, कर्मचारी लोकेश और शिवम को गिरफ्तार कर कई हुक्के और मादक पदार्थ बरामद किए थे। बैकप बार से मालिक अभिलाष गौड़ को गिरफ्तार किया गया। अभिलाष का कहना था कि बार मालिक मुरादाबाद में रहते हैं। उसने इसे लीज पर ले रखा है। पुलिस ने जांच में पाया कि अभिलाष ही बार का मालिक है। अभिलाष का फोटो सुबह अखबारों में देखकर लोग काफी चौंके। अभिलाष के पड़ोसियों की मानें तो वह पिछले दिनों सिविल लाइन इलाके में हुक्का बार चलाते हुए पकड़ा गया था। एक महिला सिपाही का पति यह हुक्का बार चला रहा था। पुलिस को जांच में पता लगा है कि अभिलाष पहले उसी बार का पार्टनर था। महिला सिपाही के पति पर केस दर्ज होने के बाद अभिलाष उससे अलग होकर बेकप बार चलाने लगा। पड़ोसियों के मुताबिक अभिलाष खुद को बैंक कर्मचारी बताता था। अभिलाष के माता पिता भी बेटे को बैंक कर्मचारी ही बताते हैं। थोडे़ ही समय में बार से अभिलाष ने काफी संपत्ति एकत्र कर ली थी।
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केंद्रीय मंत्री के सीएम को चिट्ठी लिखने
के बाद भी नहीं चला कोई अभियान
हुक्का बार में युवाओं को नशे का आदी बनाए जाने के खिलाफ शहर के लोगों की ओर से तमाम बार पुलिस और प्रशासन के अफसरों को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी हुक्का बार बंद नहीं हुए तो लोगों ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से शिकायत की थी। करीब तीन महीने पहले केंद्रीय मंत्री ने सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन्हें शहर में चल रहे तमाम हुक्का बार में युवाओं का भविष्य बर्बाद किए जाने की जानकारी दी थी और यह भी बताया था कि पुलिस और प्रशासन के अफसर इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यह तो पता नहीं चल पाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से इस बारे में क्या निर्देश जारी हुए लेकिन पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने इसके बावजूद हुक्का बार के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया। संतोष गंगवार के चिट्ठी लिखने के महीनों बाद प्रेमनगर में पुलिस मंगलवार को पहली कार्रवाई की।
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