आजमनगर में 24 घंटे से ससुराल के बाहर सर्दी में भी डटी युवती का हौसला बढ़ाने के लिए जुटी भीड़
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फरवरी में किया था प्रेम विवाह, दहेज के लिए परेशान करने का आरोप
युवती बोली- पुलिस ने फरियाद नहीं सुनी तो किया धरना देने का फैसला
बरेली। किया तो था प्रेम विवाह लेकिन दहेज को बहाना बनाकर घरवालों ने इतना उकसाया कि पति ने ही पत्नी पर जुल्म शुरू कर दिया। उत्पीड़न का लंबा सिलसिला चलने के बाद नौबत बढ़ते-बढ़ते यहां तक पहुंच गई कि ससुराल वालों ने आखिरकार उसे घर से ही निकाल दिया। पीड़ित विवाहिता पहले पुलिस के पास पहुंची लेकिन जब वहां से भी मदद नहीं मिली तो खुद ही मोर्चा संभालने दोबारा ससुराल पहुंच गई। ससुराल वालों ने उसे देखकर दरवाजा अंदर से बंद किया तो उसने भी बाहर से ताला डाल दिया और सर्दी की परवाह किए बगैर धरने पर बैठ गई।
कुतुबखाना में रहने वाली चांदनी कुरैशी के मुताबिक उनका आजमनगर में रहने वाला पति रेडीमेड गारमेंट का कारोबारी है जिसने फरवरी में उनके साथ प्रेम विवाह किया था। पति के घरवालों ने पहले इस शादी का विरोध किया था लेकिन बाद में सहमति दे दी थी। चांदनी का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ससुराल वालों ने दहेज के बहाने उनके पति को उकसाना शुरू कर दिया। पति ने भी झांसे में आकर उनके साथ उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उन्होंने तमाम ज्यादती के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया और सबकुछ सहन करती रहीं लेकिन फिर भी ससुराल वालों ने छह दिसंबर को उन्हें घर से निकाल दिया गया।
चांदनी का कहना है कि ससुराल से निकाले जाने के बाद पहले तो वह अपने मायके चली गईं लेकिन अपनी गृहस्थी बचाने के लिए रविवार को दोबारा ससुराल लौटीं। मगर ससुराल वालों ने उन्हें घर में नहीं घुसने दिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। उन्होंने कोतवाली में शिकायत की लेकिन पुलिस ने भी ध्यान नहीं दिया। मजबूरन रविवार शाम को ही उन्होंने ससुराल के दरवाजे पर बाहर से ताला डाल दिया और अपनी मां के साथ वहीं धरने पर बैठ गई। लोगों ने चांदनी को सर्दी में ससुराल के बाहर बैठा देखा तो इकट्ठे होकर उनका हौसला बढ़ाना शुरू कर दिया। चांदनी ने बताया कि पूरे मोहल्ले के लोग भी उनके साथ हैं और वह कार्रवाई न होने तक ऐसे ही ससुराल के बाहर धरने पर बैठी रहेंगी।