फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नशा अफीम का असर कुछ ऐसा दिखाए.. चाय की तलब ही न जाए

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। चाय की कुछ मशहूर दुकानें हर शहर में हैं। इन दुकानों पर मिलने वाली चाय की तासीर कुछ ऐसी है जो लोगों को दूर-दूर खींच लाती है। न सिर्फ स्वाद बेमिसाल है बल्कि यह चाय पीने के बाद एक अनोखी ताजगी का एहसास भी कुछ अलग ही है। हो सकता है कि कुछ दुकानों पर वाकई इसकी वजह चाय बनाने वाले का खास हुनर हो, लेकिन तमाम दुकानों पर इसकी वजह डोडा पाउडर भी हो सकता है। पुलिस का दावा है कि छत्तीसगढ़ और बिहार से शहर में डोडा पाउडर की तस्करी के बढ़ते मामले भी ऐसी ही चाय की दुकानों से जुड़े हुए हैं। डोडा पाउडर का दूसरा बड़ा इस्तेमाल गली-गली बैठे नीम हकीमों की सेक्सवर्धक दवाओं में किया जा रहा है।
विज्ञापन

डोडा की तस्करी में हाल ही में पकड़े गए तमाम लोगों का कनेक्शन चाय की दुकानों से निकला। तीन दिन पहले सुभाषनगर के करेली गांव से 63 बोरी डोडा पाउडर के साथ पकड़े गए तस्कर अनवर, शाहिद और आफताब ने भी पुलिस को बताया था कि छत्तीसगढ़ से डोडा पाउडर लाकर वे उसकी सप्लाई शहर की कुछ दुकानों के साथ हाईवे के ढाबों पर करते थे। इन तस्करों ने पुलिस को यह भी बताया कि जिले में तमाम लोग डोडा की तस्करी कर रहे हैं जो ढाबों और सेक्सवर्धक दवा का दावा करने वाले हकीमों को ही उसकी सप्लाई करते हैं। पुलिस ने इन तस्करों को जेल तो भेज दिया लेकिन उन ढाबों और चाय की दुकानों को चिह्नित नहीं किया गया जहां कमाई बढ़ाने के लिए चाय में डोडा पाउडर का इस्तेमाल करने का खतरनाक खेल खेला जा रहा है।

नींद और थकान दूर करती है डोडा पाउडर से बनी चाय
डोडा पाउडर से बनी चाय का न सिर्फ स्वाद अलग हो जाता है बल्कि उसे पीने से नींद और थकान पर भी असर पड़ता है। महसूस न होने वाले सुरूर की वजह से यह चाय पीने के बाद लोग धीरे-धीरे उसकी तलब के शिकार होने लगते हैं। नींद और थकान दूर होने की वजह से हाईवे पर लंबा सफर करने वाले ट्रक ड्राइवर इस चाय के जल्द आदी हो जाते हैं। दिल्ली, लखनऊ और मथुरा हाईवे पर तमाम ऐसे ढाबे हैं जहां लोग सिर्फ चाय पीने रुकते हैं। इसी तरह शहर में जंक्शन, रोडवेज स्टैंड, डेलापीर, श्यामगंज, सिविल लाइंस आदि इलाकों के कुछ स्टॉल की चाय की भी दूर-दूर तक शोहरत है। रात में गश्त करने वाले पुलिस वाले भी इस चाय के मुरीद हैं।
विज्ञापन


सेक्सवर्धक दवाओं में भी डोडा
सड़कों पर अक्सर तंबू लगाकर देशी दवाओं के जरिये सेक्स समस्याओं का समाधान करने वाले हकीम भी डोडा पाउडर के बड़े खरीदार हैं। तस्करों के मुताबिक सेक्स वर्धक जड़ी-बूटी बताकर लोगों को डोडा से बनी दवा थमा दी जाती है। तमाम लोग इसका डोडा के चूर्ण का नशे के लिए काढ़ा बनाकर भी इस्तेमाल करते हैं।

तस्करों से पूछताछ में पता चला कि डोडा पाउडर को वे ढाबों और चाय की दुकानों पर पर सप्लाई करते हैं। जो तस्कर पकड़े गए हैं, उनका बड़ा नेटवर्क है जिसमें शामिल लोग अलग-अलग इलाकों में डोडा पाउडर की सप्लाई करते हैं। उनकी भी तलाश जारी है, वे पकड़े जाएंगे तो डोडा पाउडर खरीदने वाले ढाबों और चाय की दुकानों का भी पता लग जाएगा। - हरिश्चंद्र जोशी, इंस्पेक्टर सुभाषनगर

डोडा पाउडर आंत, लिवर, किडनी और आंखों का दुश्मन, जान भी ले सकता है
नशा कोई भी हो खतरनाक ही होता है। चाय या फिर किसी भी तरीके से डोडा पाउडर का सेवन करने वाले लोग जल्द ही उसके आदी हो जाते हैं जो उनकी आंत, किडनी और लिवर में इन्फेक्शन की वजह बनता है। लंबे समय तक डोडा पाउडर का इस्तेमाल आंखों की रोशनी भी कम कर देता है। कभी इसकी डोज ज्यादा होने पर रेस्पिरेटरी अरेस्ट यानी अचानक सांस तक रुक सकती है और इससे जान तक जा सकती है। - डॉ. वागीश वैश्य, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें