भमोरा। कई महीने से वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की वजह से पेट भरने की जद्दोजहद से गुजर रही एक महिला की आखिरकार जान चली गई। विडंबना यह भी रही कि चार-चार बेटे होने के बावजूद वृद्ध महिला की लाश चार दिन तक घर में पड़ी रही लेकिन किसी बेटे ने सुधि नहीं ली। बुधवार को पड़ोसी महिला घर पहुंची तो तेज दुर्गंध महसूस होने पर बड़े बेटे को सूचना दी। घर का दरवाजा तोड़कर लोग अंदर घुसे तो देखा कि शव बुरी तरह सड़ गया था। इसके बाद वृद्धा का अंतिम संस्कार किया गया।
गांव बाकरगज निवासी हरदेई पत्नी सकटू मौर्य को मोहल्लों के लोगों ने शनिवार शाम तुरई लाते देखा था। हरदेई गांव में मजदूरी और चारपाई बुन अपना पेट भर रही थीं। कई महीनों से उनकी वृद्धावस्था पेंशन नहीं आई थी। हरदेई रोजाना पड़ोस में रहने वाली मुन्नी के घर विष्णुपुराण देखने जाती थीं। कई दिन तक वह नहीं पहुंची तो मंगलवार शाम मुन्नी उन्हें बुलाने उनके घर गई। दरवाजे पर पहुंची तो अंदर से तेज दुर्गंध आ रही थी। इस पर उन्होंने अपने घरवालों को सूचना दी। मौके पर ग्रामीण भी पहुंच गए। उन्होंने सूचना गांव में ही अलग रह रहे बड़े बेटे लटूरी को सूचना दी। लटूरी के पहुंचने पर दरवाजा तोड़कर देखा गया तो अंदर हरदेई की सड़ी लाश पड़ी थी, जिसमें कीड़े पड़ चुके थे। जीभ भी बाहर निकली हुई थी। पास में ही चूल्हे के पास तुरई की कटी हुई सब्जी रखी थी। सूचना पर परिवार के साथ बरेली में रहकर मजदूरी कर रहे बेटे हरिराम, भूप सिंह और विनोद भी पहुंच गए। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी गई।