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छात्रा को खोज निकालने वाली पुलिस अब सवालों के जवाब देने से बच रही

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शाहजहांपुर। सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान लेने के कुछ घंटों बाद लापता छात्रा को उसके दोस्त के साथ राजस्थान से खोज निकालने वाली पुलिस अब भी कई सवालों से बच रही है। छात्रा को तो सोमवार को कोर्ट के सामने ले जाया जाएगा, लेकिन छात्रा के साथ पकड़े गए संजय सिंह नाम के युवक के बारे में पुलिस ने चुप्पी साध ली है। हालांकि पुलिस के मुताबिक युवक को पूछताछ के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।
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छात्रा के लापता होने और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने के मामले में शुरू से ही झोल नजर आ रहा है। मसलन 24 अगस्त को फेसबुक पर वीडियो वायरल करने वाली छात्रा के लापता होने की जानकारी उसके माता-पिता को 25 अगस्त को हुई तो पिता की ओर से शाम को स्वामी चिन्मयानंद व अन्य पर अपहरण, दुष्कर्म, शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
26 अगस्त को छात्रा के लापता होने की खबर अखबारों की सुर्खियां बनी तो स्वामी चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह सामने आए और मीडिया को बताया कि जिस छात्रा के अपहरण का आरोप स्वामी पर लगाया जा रहा है, दरअसल वह स्वामी से पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने की कड़ी से जुड़ा है। इस संबंध में वह 25 अगस्त की रात 2:25 बजे चौक कोतवाली में मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं। लेकिन आश्चर्य है कि स्वामी चिन्मयानंद के वकील की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट को आखिर पुलिस ने मीडिया से क्यों छिपाया, जबकि पुलिस यह बात अच्छी तरह से जानती थी कि जिस पर छात्रा के अपहरण का आरोप लगाया जा रहा है, वह राजनीति का रसूखदार व्यक्ति है। पुलिस इस मामले में पूरी तरह चुप है। जब मामला तूल पकड़ता चला गया, तब फिर 27 अगस्त को मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई। सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद छात्रा खोज निकाली गई और उसे संजय को भी छात्रा के साथ खोज निकाला गया, जिस पर पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने का शक पूरी तरह से जताया जा रहा था। सारी परतें खुलने के बाद भी पुलिस कुछ बोल नहीं रही है।
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छात्रा के साथ मिले युवक से पूछताछ की गई है। कार्रवाई के मामले में अभी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
-दिनेश त्रिपाठी, एसपी सिटी 
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