शाहजहांपुर। स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाने वाली छात्रा के पिता ने दिल्ली जाने से पहले कहा कि बेटी के मिल जाने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामला संज्ञान में लेने की वजह से उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनकी बेटी के साथ न्याय होगा। शुक्रवार की रात इसी इंतजार में कटी कि कब दिल्ली पुलिस यहां पहुंचे और उनकी बेटी से मिलने की छटपटाहट दूर हो। हालांकि पिता को अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर खतरा अब भी महसूस हो रहा है।
शनिवार दोपहर करीब 12:15 बजे जब स्थानीय पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस छात्रा के घर के दरवाजे पर रुकी तो माता-माता की जान में जान आई। कोर्ट का आदेश देखने के बाद ही पिता ने साथ जाने की हामी भरी क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं उनके साथ कुछ गड़बड़ न हो जाए। पिता से जब यह पूछा गया कि दिल्ली पुलिस के आने के बाद अब वह कैसा महसूस कर रहे हैं तो उन्होंने बताया कि पूरी रात तो इसी इंतजार में गुजर गई कि पुलिस की गाड़ी कब आएगी। और अब जान-जान में आई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में वह पहले बेटी से मिलेंगे। उसका हाल जानने के बाद उससे स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ सबूतों के बारे में पूछेंगे और उन साक्ष्यों को कोर्ट के सामने रखने को कहेंगे। बेटी जो भी साक्ष्य और बयान देगी और कोर्ट जो फैसला सुनाएगा, उसी आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट उनकी बेटी के साथ न्याय करेगा। इसके बाद उनका प्रयास होगा कि बेटी साथ में शाहजहांपुर आए। लेकिन उनके परिवार के लिए खतरा तो बढ़ ही गया है। वह चाहेंगे कि पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी जाए।
शाहजहांपुर। छात्रा के मकान के आसपास लोगों से छात्रा और उसके परिवार वालों के बारे में जानकारी करने की कोशिश की गई तो उन लोगों ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। बोले- हमें क्या मतलब, किसी की लड़की मिल गई। परिवार खुश है। पड़ोसी होने के नाते हम लोगों को भी खुशी है कि बेटी मिल गई।
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि छात्रा कभी-कभार मोहल्ले में दिखती थी। पिता से दुआ सलाम के अलावा कुछ ऐसा नहीं था कि घर जाकर उनसे बात हो क्योंकि दूसरी मंजिल पर अंदर से जीने से होकर जाना पड़ता है। कभी-कभार बात हो भी जाती थी तो कभी न उन्होंने अपने परिवार के बारे में कुछ बताया न उनसे कुछ पूछने की कोशिश की गई। छात्रा की ओर से स्वामी चिन्मयानंद पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि इस बारे में वह लोग कुछ भी नहीं बोल सकते। आरोप-प्रत्यारोप तो हर बड़े आदमी पर लगते रहते हैं, लेकिन जब तक किसी को अपनी आंखों से न देख लिया जाए, उसके बारे में कुछ भी कहना बेहतर नहीं होगा। हां छात्रा के लापता होने पर परिवार वालों की चिंता होना लाजिमी है, लेकिन मोहल्ले के लोग भी यही दुआ कर रहे थे कि मोहल्ले की बेटी सही सलामत मिल जाए। अब लोगों की दुआ कबूल हुई और उनकी बेटी मिल गई।