शाहजहांपुर। छात्रा बनाम स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण से जुड़े लोग कहीं न कहीं भाजपा से भी जुड़े हैं। ऐसे में सत्ताधारी पार्टी से जुड़े लोगों के बीच के मामले को सुलझाने में पुलिस को फूंक फूंककर कदम रखना पड़ रहा है। छात्रा के साथ मिला संजय सिंह भी भाजपा से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि उसके पास भाजपा आईटी सेल की कुछ जिम्मेदारी रही है। समझा जा रहा है कि संजय को बचाने के लिए भाजपा की दूसरी लाबी लगी हुई है, इसलिए भी पुलिस संजय को लेकर चुप है।
संजय और उसके करीबी रिश्तेदारों का भाजपा से जुड़ा होना भी पुलिस के लिए इस केस को सुलझाना बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्वामी चिन्मयानंद अटल सरकार में गृहराज्यमंत्री रह चुके हैं। इसलिए उनकी भाजपा के बड़े नेताओं पर पकड़ है और संजय चूंकि भाजपा में उभरता हुआ युवा नेता है। उसका रिश्ते का भाई इस समय भी भाजपा आईटी सेल का पदाधिकारी बताया जा रहा है। इसलिए अंदर खाने भाजपा का एक गुट संजय की भी मदद करने में लगा है। इसीलिए पुलिस ने छात्रा के मिलने की बात को तो प्रमुखता से रख दिया, लेकिन छात्रा के साथ मिले संजय पर क्या कार्रवाई होगी और क्या वह रंगदारी मांगे जाने के मामले में शामिल था या नहीं, इसको लेकर पुलिस चुप्पी साधे हुए है। यही वजह रही है कि अभी तक स्वामी चिन्मयानंद की ओर से भी फिरौती मांगे जाने के मामले में संजय के बारे में खुलकर कुछ भी नहीं कहा जा रहा है, जबकि चर्चाओं में पूरी तरह से इस खेल के पीछे संजय का नाम बताया जा रहा है।