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कहा था न साहब! अब दीजिए सत्संगी फैमिली की बदनामी का हिसाब

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बरेली। बैंक अफसर रूपा सत्संगी पर अपने पति नीरज सत्संगी की हत्या के लिए ऑटो ड्राइवर को पांच लाख रुपये में सुपारी देने और उसके साथ उनके नजदीकी संबंध होने के दावे पर बुरी तरह भड़का सत्संगी परिवार पुलिस अफसरों लगातार हमलावर होता जा रहा है। दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से राय-मशवरा करने के बाद परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अफसरों पर दस सवाल दागे हैं और उनसे उनका जवाब मांगा है। कुछ बिंदुओं पर जांच भी कराने की मांग की है। नीरज सत्संगी के भाई संजय सत्संगी ने बताया कि एडीजी ने उन्हें जांच कराने का भरोसा दिलाया है।
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बैंक अफसर रूपा सत्संगी और उनके पति नीरज सत्संगी की गुलमोहर पार्क कॉलोनी स्थित उनके घर में 24 जुलाई की रात दस बजे सिर पर मूसल के वार कर हत्या कर दी गई थी। सात दिन बाद 31 जुलाई को पुलिस ने ऑटो ड्राइवर अनुराग भागवानी को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था। पुलिस अफसरों इस खुलासे में रूपा सत्संगी के ऑटो ड्राइवर से नजदीकी संबंधों की बात कही थी। मीडिया को बताया था कि रूपा ने ही उसे पांच लाख रुपये में अपने पति की हत्या की सुपारी दी थी। लेकिन नीरज सत्संगी की हत्या के दौरान रूपा ने चीखना शुरू किया तो ऑटो ड्राइवर ने उन्हें भी मार डाला। पुलिस अफसरों के इस खुलासे पर सत्संगी परिवार बुरी तरह नाराज है। उनका आरोप है कि अफसरों ने बगैर किसी साक्ष्य के सिर्फ हत्यारोपी के बयान के आधार पर ये बातें सार्वजनिक कर उन्हें इतना बदनाम कर दिया है कि वे अब बरेली में किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रह गए हैं। संजय सत्संगी की ओर से इस मामले में गृह मंत्रालय से शिकायत की गई थी, अब उन्होंने एडीजी को दस सवाल भेजकर उनका जवाब मांगा है।
सत्संगी परिवार के दस सवाल

1- हत्यारोपी ने खुलासा होने से पहले हमारे सामने जो बयान दिया, पुलिस अफसरों ने उसे उसका निजी बयान बताया था। कहा था कि उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की है, वे पूरी तरह पुष्टि के बाद ही कोई खुलासा करेंगे और उनके परिवार को भी भरोसे में लेंगे फिर ऐसा क्यों नहीं किया गया।
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2- पुलिस ने वादा किया था कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परिवार को भी बुलाया जाएगा, ऐसा क्यों नहीं किया गया।
3- मृतकों पर आरोप लगाना आपराधिक कृत्य है जिसे पुलिस अधिकारियों ने कर दिया है।
4- वे ढाई लाख रुपये कहां हैं, जो पुलिस की कहानी के मुताबिक रूपा सत्संगी ने आरोपी को हत्या के तुरंत बाद देने का वादा किया था।
5- हत्यारे के बयान पर आधारित खुलासे से उनके परिवार की छवि खराब हुई है, इसे आधिकारिक तौर पर दुरुस्त करने के लिए क्या किया जा रहा है।
6- मृतकों के मोबाइल और आरोपी की चप्पलें घटना के बाद मौके से ही बरामद कर ली गईं थीं फिर पुलिस ने उन्हें आरोपी की निशानदेही पर बरामद क्यों दिखाया है।
7- घटना के बाद की फुटेज में हत्यारोपी आराम से पैदल जाता दिख रहा है जिसे पुलिस ने अकेेले बरेली से दिल्ली जाना दिखाया है, रीढ़ की हड्डी टूटने पर यह कैसे संभव हुआ।
8- इस बात के क्या प्रमाण हैं कि जेल में बंद आरोपी ही वास्तविक हत्यारा है, वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिये उसके खिलाफ क्या प्रमाण जुटाए गए हैं।
9- हत्यारोपी उनसे हुई बातचीत में कई तथ्य नहीं बता सका था मगर खुलासे के बाद मीडिया में आई उसकी बात में अंतर है, इसकी क्या वजह रही।
10- चालीस साल से उनके परिवार ने बरेली में जो प्रतिष्ठा बनाई, उसको वापस दिलाने के लिए पुलिस क्या कर रही है।
ऑपरेशन से ही बच पाएगी अनुराग की जान
बरेली। हत्यारोपी अनुराग भागवानी रीढ़ की हड्डी के टूटने से असहनीय दर्द झेल रहा है। उसे तत्काल ऑपरेशन की जरूरत है।
जिला जेल में बंद अनुराग भागवानी बुरे हाल में है। उसकी पत्नी रुचि उर्फ अमीषा ने बताया कि घबराहट की वजह से वह उससे मिलने नहीं जा सकी है। उसकी मदद करने वाला भी कोई नहीं है। खुलासे के बाद तमाम रिश्तेदारों ने भी उसकी कॉल रिसीव करनी बंद कर दी है। उस पर न तो कानूनी लड़ाई को पैसा है न कभी उसका कोर्ट और थाने से वास्ता पड़ा है। पति से मिलकर वह घटना के बारे में पूछना चाहती है पर यह कैसे करे यह भी नहीं पता है। हालांकि इस बीच सामाजिक संगठन महिला जागृति मंच ने अमीशा की कानूनी मदद को हाथ बढ़ाया है। अध्यक्ष मनु नीरज ने बताया कि अनुराग दोषी है या निर्दोष ये कोर्ट तय करेगा। वह नैतिकता के आधार पर अमीषा का सहयोग करेंगीं।
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