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एटीएस के निशाने पर माओवादी खीम सिंह का साथी भास्कर पांडेय

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बरेली। पांच दिन पहले यूपी एटीएस के हत्थे चढ़ा उत्तराखंड के माओवादी संगठन का मुखिया खीम सिंह फिलहाल लखनऊ जेल में है। खीम सिंह के पकड़े जाने से उसके संगठन की कमर टूट गई है। एटीएस अब उसके साथी उत्तराखंड निवासी भास्कर पांडेय की तलाश में है। इससे माओवादियों का रहा सहा नेटवर्क भी ध्वस्त हो जाएगा।
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लखनऊ एटीएस टीम के साथ बरेली एटीएस प्रभारी मंजीत सिंह ने 17 जुलाई को बरेली जंक्शन से खीम सिंह को गिरफ्तार कर लखनऊ कोर्ट में पेश किया था। पूछताछ में एटीएस को उत्तराखंड में संगठन के बारे में काफी जानकारी मिली थीं। 55 साल का खीम सिंह सीपीआई (माओवादी) के उत्तराखंड इकाई के सर्वोच्च सचिव पद पर अरसे से काम कर रहा था। एटीएस को पता लगा कि खीम सिंह के उत्तराधिकारी के तौर पर अल्मोड़ा का ही युवक भास्कर पांडेय पूरा काम देख रहा है। भास्कर पर उत्तराखंड सरकार ने बीस हजार का इनाम घोषित कर रखा है। एटीएस अब उसकी गिरफ्तारी में जुटी है। हालांकि खीम सिंह की तरह भास्कर भी मोबाइल फोन और सोशल नेटवर्किंग की दुनिया से दूर है। वह बस या रिक्शे से चलता है और ज्यादा दिन एक जगह नहीं रुकता। उसे पकड़ना चुनौती भरा काम है।

रेड कॉरिडोर बनाने की है साजिश
खीम सिंह और उसके साथियों की योजना सीपीआई (माओवादी) का नेपाल तक विस्तार करना है। ये लोग पीलीभीत से सटे बनबसा व चंपावत को नेपाल से जोड़कर पूरे उत्तराखंड में पैठ बनाना चाहते हैं। पहाड़ के दुर्गम क्षेत्र के गांवों में ज्वलंत समस्याएं उठाकर लोकतंत्र के खिलाफ जनभावना भड़काना इनका मिशन है। ये नौजवानों को सरकार के बारे में नकारात्मक बातें बताकर उनका ब्रेन वॉश करते हैं। इसके बाद उन्हें अपने संगठन से जोड़ लेते हैं।
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रेलवे कर्मी और महिला को बताया खीम सिंह का साथी
माओवादी नेता खीम सिंह का बरेली में नेटवर्क निकालने में एटीएस समेत दूसरी एजेंसियां लगी हैं। अब किला थाना क्षेत्र की एक महिला के बारे में अधिकारियों को डाक से पत्र भेजकर उसके तार खीम सिंह से जुड़े बताए जा रहे हैं। शिकायत करने वाले कुछ लोगों के नाम हैं पर पता नहीं है। महिला को आतंकी गतिविधियों में लिप्त बताया गया है। कुछ और लोगों के नाम हैं जो इनके सहयोगी बताए जा रहे हैं। कहा है कि खीम सिंह बरेली आने पर संकरी गलियों में बने महिला के घर आकर रुकता था। बताया कि महिला को कई बार हवाई अड्डे के पास संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए देखा गया है। रेलवे जंक्शन के एक कर्मचारी का भी नाम दिया गया है जिस पर ट्रेन से खीम सिंह के आने जाने की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी थी। खुफिया अमला आरोपों की जांच कर रहा है। बड़ी गुंजाइश है कि महिला को परेशान करने के लिए आसपास के लोगों ने ये पत्र भेज दिया हो। बावजूद गंभीरता से जांच की जा रही है।
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