बरेली। ठग कंपनी के सदस्यों ने हाईकोर्ट में विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर सौ से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए थे। अब कानूनी शिकंजे से बचने के लिए ठगी का शिकार हुए लोगों के खिलाफ फरीदपुर थाने में जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पीड़ित लोगों की शिकायत पर एसएसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी तृतीय को दे दी है।
सिरौली थाना क्षेत्र के लीलौर गांव निवासी अरविंद सिंह ने 22 जून को इज्जतनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बदायूं के उसावां थाना क्षेत्र के अस्धरमई निवासी प्रमोद कुमार सिंह, उनकी पत्नी सुनीता सिंह, बेटे शिवम, सुंदरम, बेटी करिश्मा और दामाद अर्जुन को नामजद किया गया था। अरविंद का आरोप है कि प्रमोद व उनके परिवार के लोगों ने हाईकोर्ट में विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके समेत 34 लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये ठग लिए थे। इससे पहले 19 जून को ज्योतिवाफुलेनगर निवासी इमरत सिंह ने यहां इज्जतनगर थाने में आरोपी प्रमोद कुमार सिंह, उनकी पत्नी सुनीता और बेटे शिवम व सुंदरम के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने अपने समेत 77 लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पौने चार करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगाया था। बुलंदशहर के शामली निवासी वीरेंद्र सिंह और सिरौली के लीलौर गांव निवासी सतीश सिंह ने भी आरोपी प्रमोद के खिलाफ तहरीर दे रखी है।
इज्जतनगर पुलिस कुछ करती इससे पहले आरोपी प्रमोद कुमार सिंह ने एक जुलाई को थाना फरीदपुर में मारपीट और जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज करा दी। प्रमोद का आरोप है कि वह पत्नी सुनीता, बेटे शिवम के साथ फरीदपुर से बाइक पर अपने गांव अस्धरमई जा रहे थे। रास्ते में पढे़रा गांव के पास उन्हें अरविंद सिंह, सतीश सिंह इमरत सिंह, वीरेंद्र सिंह ने घेर लिया और मारपीट की। जान मारने की नियत से फायर किया। गोली कंधे में लगने से प्रमोद घायल हो गया।
इमरत सिंह और वीरेंद्र सिंह ने एसएसपी से मिलकर प्रमोद द्वारा झूठी रिपोर्ट लिखाने की शिकायत की। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी तृतीय कुलदीप कुमार को दे दी है।