बैंक ने दी थी ये दलील
बैंक की तरफ से आयोग को बताया गया कि क्रेडिट कार्ड का वार्षिक शुल्क जीएसटी मिलाकर खाते से काटा गया है। इसके अलावा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया गया। आयोग ने पाया कि बैंक ने निशुल्क क्रेडिट कार्ड देने का वादा नहीं निभाया। उपभोक्ता के खाते से 588.82 रुपये काटकर सेवा में कमी की है।
आयोग के अध्यक्ष दीपक कुमार त्रिपाठी व सदस्य दिनेश कुमार गुप्ता ने काटे गए 588.82 रुपये छह प्रतिशत ब्याज समेत 45 दिन में लौटाने के आदेश दिए। इसके अलावा मानसिक व शारीरिक कष्ट की क्षतिपूर्ति के लिए दो हजार रुपये व वाद व्यय के रूप में दस हजार रुपये देने का आदेश बैंक को दिया है।