बरेली। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्यारा में मच्छरदानी वितरण के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का जमकर मखौल बना। 5540 मच्छरदानी लेने के लिए महिलाओं समेत अन्य लोग बिना मास्क ही पहुंचे। इसकी फोटो वायरल होने पर विभाग में खलबली मची है।
मंगलवार को योजना के तहत क्यारा सीएचसी पर सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने चयनित लाभार्थियों को मच्छरदानी वितरित की। इस दौरान सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. विनय कुमार पाल, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी राकेश दीक्षित, बीसीपीएम मनोज समेत सभी आशा और संगिनी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए धनेती, बभिया, मंझा, सूदनपुर के लाभार्थियों को मच्छरदानी वितरित करनी थी। मगर, परिसर में न तो थर्मल स्क्रीनिंग हुई और न ही हाथ सैनिटाइज कराए। मास्क लगाने के लिए भी नहीं दिए गए। दो गज की दूरी का भी पालन नहीं हुआ। मंच पर मच्छरदानी वितरण का ग्रुप फोटो खींचकर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिससे विभाग में खलबली मची हुई है। हालांकि सीएचसी प्रभारी डॉ. सौरभ सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया।
आरोपों में घिरे बाबू के दर्ज हुए बयान
बरेली। स्वास्थ्य विभाग के बाबू पर लगे आरोपों की जांच और बयान दर्ज करने के लिए मंगलवार दोपहर पहुंची शासन की टीम ने सीएमओ कार्यालय में बाबू के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान कार्यालय के बाहर कर्मचारियों में खलबली मची रही। चर्चा थी कि कोविड काल में यह बाबू कोविड समेत हेल्थ सेंटर पर हुई खरीदारी के दौरान अहम भूमिका में रहे थे। सीएमओ के करीबी होने की वजह से शिकायतों का संज्ञान नहीं लिया गया। मामला शासन तक पहुंचा तो हडकंप मचा है। माना जा रहा है कि टीम की रिपोर्ट के आधार पर बाबू पर कार्रवाई हो सकती है। ब्यूरो
चकबंदी विभाग के कर्मचारी समेत दस संक्रमित
बरेली। आरटीपीसीआर, एंटीजन और निजी लैब की करीब दो हजार से ज्यादा जांच में मंगलवार को दस संक्रमित मिले हैं। इसमें आईवीआरआई के मंडल विहार में एक, सुभाषनगर में तीन, शेरगढ़, गुलाब नगर, जफरपुर, सिविल लाइंस, बिथरी, चकबंदी विभाग में भी एक संक्रमित मिले हैं। आईडीएसपी प्रभारी के मुताबिक संक्रमित के संपर्क में आने वालों को ट्रेस किया जा रहा है। ब्यूरो