समझौते के बाद मुकरा गया था यूसुफ
उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत की तो आरोपी पक्ष ने 25 अगस्त 2023 को भोजीपुरा थाने में समझौता कर लिया। तय हुआ कि यूसुफ उससे जल्द निकाह करेगा। बाद ने वह मुकर गया। उसे और उसके बच्चे को मारने की धमकी दी। कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों, गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यूसुफ को गर्भपात कराने और धमकाने के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
विवेचक और सीओ पर कार्रवाई के लिए एसएसपी को लिखा
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पुलिस को पहले से पता था कि दुष्कर्म का आरोप संदिग्ध है। इसके बाद भी आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में भी आरोपपत्र दाखिल किया गया। तत्कालीन सीओ ने भी अपनी पर्यवेक्षण शक्तियों का सही इस्तेमाल नहीं किया। कोर्ट का काम पीड़ित को न्याय देने के साथ ही अभियुक्त के अधिकारों की रक्षा करना भी है। कोर्ट ने आदेश की कॉपी एसएसपी को भेजते हुए विवेचक और सीओ के खिलाफ आईपीसी की धारा 219 के तहत कार्रवाई की अपेक्षा की है।