प्राइवेट कर्मियों के भरोसे काम कर रहे अहलमद
कोर्ट ने टिप्पणी की कि सीजेएम कार्यालय का हाल यह है कि वहां अगर 15-20 प्राइवेट कर्मचारी न हों तो अहलमद एक फाइल भी ढूंढने में सक्षम नहीं हैं। संबंधित अहलमद न्यायिक काम न करके अपराधियों के साथ पंचायत करते हैं। उनका काम प्राइवेट कर्मचारी करते हैं। प्राइवेट कर्मचारियों के विरुद्ध बरेली बार एसोसिएशन के पदाधिकारी समय-समय पर आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला।
अपराधियों-कर्मचारियों का गठजोड़ हावी, पीठासीन अधिकारी के समक्ष पेश नहीं की पत्रावली
कोर्ट ने कहा है कि अपराधियों-कर्मचारियों की सांठगांठ के कारण प्रश्नगत मामले की पत्रावली पीठासीन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। सीजेएम न्यायालय में दो मई 2023 को आरोपपत्र दाखिल किया गया था। छह मई को एसीजेएम द्वितीय के न्यायालय में उसे अंतरिम कर दिया गया। आठ नवंबर, आठ दिसंबर 2023, 13 जनवरी, 16 फरवरी व 28 मार्च 2024 को पत्रावली पीठासीन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत ही नहीं की गई। तीन जुलाई को इस कोर्ट में अंतरिम होने के बाद सुनवाई शुरू की गई।
महत्वपूर्ण अदालतों में विशेष प्रकार के कर्मचारियों की ही तैनाती
कोर्ट ने कहा कि कचहरी में स्थानीय कर्मचारियों की तैनाती होने से मामलों का शीघ्र निस्तारण नहीं हो पाता। जिला न्यायालय के चतुर्थ और तृतीय श्रेणी के कर्मचारी अपराधियों से सांठगांठ कर लेते हैं। इन कर्मचारियों को कुछ समय के लिए हटा दिया जाता है। दोबारा वहीं पर तैनात कर दिया जाता है, ताकि दिखता रहे कि सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है।