बरेली। अगर आपका बिजली का बिल गलत आ गया है तो जरूरी नहीं है कि विभागीय अधिकारी उसे दुरुस्त कर ही दें। इसका खमियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ेगा क्यों कि उपभोक्ता फोरम ने ऐसे एक मामले में संबधित अधिशासी अभियंता शहरी विद्युत वितरण खंड तृतीय का एक माह का वेतन जब्त करने के आदेश दिए हैं। फोरम इस मामले में अगली सुनवाई पांच नवंबर को करेगा।
विद्युत उपभोक्ता लीलावती का बिल लगातार गलत आ रहा था। उसने कई बार शहरी विद्युत वितरण खंड तृतीय कार्यालय के चक्कर लगाए। वहां स्टाफ ने परेशान करना शुरू कर दिया। तब प्रभावित उपभोक्ता ने उपभोक्ता फोमर में गुहार लगाई। फोरम ने दोनों पक्षों को सुनकर दो अप्रैल 2005 को प्रभावित लीलावती के पक्ष में आदेश दिया। बिजली विभाग ने उसकी अपील राज्य आयोग में की तो वहां भी उनकी दलील टिक नहीं पाई।
राज्य आयोग ने 8 सितंबर 2016 को मामला खारिज करते हुए उपभोक्ता का बिल दुरुस्त करने के निर्देश दिए, लेकिन अफसरों ने फिर भी अपनी मनमानी करते हुए फोरम के आदेश दर किनार कर दिए। तब परेशान होकर उपभोक्ता ने फोरम का रुख किया। इस पर फोरम अध्यक्ष ने इस मनमानी को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिशासी अभियंता का सितंबर का वेतन कुर्क करने का आदेश दिया। साथ ही फोरम ने इस मामले में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। फोरम ने दोनों पक्षों को पांच नवंबर को सुनवाई के लिए बुलाया है।