बरेली में वाणिज्यिक न्यायालय के पीठासीन अधिकारी शाहिद रजा (एचजेएस) ने पेड़ छाप नवाब दूल्हा खां ब्रांड की हूबहू डिजाइन, रंग, पैकिंग और उससे मिलते-जुलते चिह्न के इस्तेमाल करने पर मंगलवार को स्थायी रोक लगा दी है। मुकदमा मेसर्स ताज मोहम्मद खान की ओर से साझेदार मोहम्मद इमरान खान, मुनीज फात्मा ने दायर किया था।
वादी पक्ष ने कोर्ट को बताया कि उनके तंबाकू ब्रांड पेड़ छाप नवाब दूल्हा खां की कुछ लोग हूबहू ब्रांड की नकल करके नकली तंबाकू बेच रहे हैं। मामले में इसरार मोहम्मद खां, अवैश खां, सुऐब खां, सुहैल खां और रियाज अहमद को प्रतिवादी बनाया गया था। प्रतिवादी ब्रांड के नाम का गलत इस्तेमाल करते हुए पैकिंग, रंग, डिजाइन और पाउच की हूबहू नकल कर बाजार में बेच रहे हैं।
वादी पक्ष ने कई दस्तावेज भी पेश किए। प्रतिवादी पक्ष ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में दावा किया कि उनका परिवार वर्ष 1970 से नवाब दूल्हा खां नाम से तंबाकू का व्यापार करता आ रहा है। वादी पक्ष ने तथ्यों को छिपाया है।
प्रतिवादी नहीं पेश सके ठोस साक्ष्य
सुनवाई के दौरान प्रतिवादी अपने दावों को साबित करने के लिए कोई ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य पेश नहीं कर सके। अदालत ने यह भी माना कि वादी पक्ष ही ट्रेडमार्क का वास्तविक और पूर्व उपयोगकर्ता है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने वादी के पक्ष में स्थायी निषेधाज्ञा जारी करते हुए प्रतिवादियों को पेड़ छाप नवाब दूल्हा खां नाम, डिजाइन, रंग और पैकिंग का उपयोग तंबाकू उत्पादों के निर्माण, बिक्री, वितरण, प्रचार और विज्ञापन में करने से पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दिया है।