कोर्ट ने कहा कि महिला के बयान से भी स्पष्ट होता है कि शारीरिक संबंध बनाने में उसकी सहमति थी। महिला ने पति से तलाक का मुकदमा कर रखा है। इससे स्पष्ट होता है कि वह शिवम से शादी करना चाहती थी। कोर्ट ने कहा कि मामला दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं बल्कि सहमति से संबंधों की श्रेणी में आता है।
सीओ, इंस्पेक्टर और विवेचक पर कार्रवाई का आदेश
कोर्ट ने चार्जशीट लगाने को लेकर एसएसपी को भी आदेश दिया है कि तत्कालीन सीओ, इंस्पेक्टर और विवेचक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने कहा है कि विवेचक का काम सत्य खोजना है न कि असत्य मामले में किसी को फंसाना। एसएसपी से अपेक्षा की जाती है कि वह भारतीय दंड संहिता की 1860 की धारा 219 के तहत संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें।