ये लोग थे नामजद
मुकदमे में रामपाल मिश्रा उनके भतीजे विजयपाल मिश्रा व विद्याराम मिश्रा, विजयपाल के बेटे सतीश मिश्रा तथा सतीश का भतीजा पंकज मिश्रा के अलावा मुकेश कुमार, इंद्रजीत भट्ट, संजीव, घनश्याम, कल्लू, राजेश राना, वेदप्रकाश शर्मा, घासीराम शर्मा समेत 31 लोग नामजद थे।
पुलिस की गवाही पर ही छूटा मुकदमा
पूरे मुकदमे में खास बात यह रही कि खुद पुलिसकर्मियों की गवाही पर ही मुकदमा छूटा। अदालत में जब पुलिसकर्मियों की गवाही हुई तो उन्होंने आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया। साक्ष्य व सबूतों के आधार पर अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
परिजनों ने बताया सत्य की जीत
2009 में तत्कालीन इंस्पेक्टर आरएन त्यागी की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया था। फैसले के समय 24 लोग व रामपाल मिश्रा के परिवार के लोग कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। फैसला आने के बाद सभी ने इसे सत्य व कानून की जीत बताया।