अर्जुन-मुस्कान की प्रेम कहानी
बदायूं के मोहल्ला नाहर खां सराय निवासी अर्जुन सागर टेंपो ड्राइवर है। चार साल पहले उसकी मुलाकात उझानी के गांव गुराई निवासी मुस्कान अली से हुई। ये मुलाकात प्यार में बदल गई, लेकिन उनकी मुहब्बत के आड़े महजब आ गया। मुस्कान अली के घरवाले अर्जुन सागर के साथ शादी कराने के लिए तैयार नहीं हुए।
मुस्कान पर बंदिशें लगा दी गईं, लेकिन फिर भी दोनों चोरी छिपे बात करते रहे। दोनों ने घर छोड़कर शादी करने का फैसला कर लिया। दोनों घर छोड़कर बरेली पहुंचे और आचार्य केके शंखधार के सामने अर्जुन सागर ने मुस्कान अली को हमसफर बना लिया। पहले मुस्कान का शुद्धिकरण कर उसे मुस्कान सागर नाम दिया गया।
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फिर अग्नि को साक्षी मानकर अर्जुन और मुस्कान ने सात फेरे लिए। आचार्य ने बताया कि दोनों के बालिग होने और विवाह संबंधी सभी औपचारिकता पूरी होने पर विवाह कराया गया। प्रेम विवाह के बाद अर्जुन और मुस्कान ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की। उधर, दोनों का विवाह करने वाले केके शंखधार ने खुद को खतरा बताया।