नगर आयुक्त से जरूरी कामों को ऑनलाइन निपटाने की व्यवस्था लागू करने की मांग
बरेली। नगर निगम में कई लोगों के कोरोना संक्रमित पाए जाने और एक कर्मचारी की मौत के बाद दहशत में घिरे पार्षदों ने संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर नगर निगम में कुछ दिनों के लिए आम लोगों का प्रवेश बंद करने की मांग की है। पार्षदों का कहना है कि कोरोना संकट रहने तक नगर निगम में सिर्फ जरूरी काम से आने वालों की सुनवाई की जाए और ज्यादा से ज्यादा काम फोन पर निपटाने की व्यवस्था लागू की जाए।
पार्षद विकास शर्मा ने नगर आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि नगर निगम में शहर भर के लोग आते हैं। निगम के सफाई कर्मी भी रोज शहर के सभी वार्डों में जाते हैं। अगर नगर निगम का स्टाफ ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो यह पूरे शहर के लिए भी खतरे की घंटी बन जाएगा। पार्षदों ने नगर आयुक्त से कोरोना संक्रमण कम होने तक अधिकतर कामों को ऑनलाइन निपटाने और शिकायतों को भी फोन या व्हाट्सअप के जरिये दर्ज कराने की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इस मांग का पार्षद छंगालाल मौर्य, शालिनी जौहरी, अतुल कपूर, राजेश अग्रवाल, अब्दुल मुन्ना, सतीश कातिब, कपिलकांत, विपुल, सौरभ सक्सेना, मुकेश मेहरोत्रा समेत आदि पार्षदों ने भी समर्थन किया है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय और नगर निगम ने सभी की होगी सैंपलिंग
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय और नगर निगम में एक ही दिन में कोरोना संक्रमण के 11 केस सामने आने के बाद दोनों संस्थानों में सभी अधिकारियों, प्रोफसर और सभी कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। सैनिटाइजेशन कराने के बाद विश्वविद्यालय को 24 जुलाई और नगर निगम को 20 जुलाई तक बंद कर दिया गया है।