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कोरोना ने बदल डाले शादी-ब्याह के नियम-कायदे

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demo pic - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पिछले सहालग में हुई शादियों में कोरोना फैलने के कई मामले सामने आने के बाद अलर्ट हुए लोग
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खरीददारी से लेकर दावतों तक के लिए तय किए नियम, मेहमानों से भी सुरक्षा में रहने का आग्रह

बरेली। कोरोना के दौर में शादी-ब्याह जैसे आयोजन भी बदले नजर आएंगे। सरकार की ओर से तो इन आयोजनों पर सिर्फ संख्या का ही प्रतिबंध लागू होगा लेकिन हालात बता रहे हैं कि तैयारियों और दावतों से लेकर शादी-ब्याह की हर रस्म कोरोना के साये में कुछ अलग ही अंदाज में होंगी।
दरअसल शादी की दावतों में आए मेहमानों के कोरोना लेकर लौटने के देश भर में कई मामले सामने आ चुके हैं। हर किसी ने इन खबरों पर भले ही ज्यादा गौर न किया हो लेकिन उन लोगों ने इन्हें काफी गंभीरता से लिया है जिनके घर-परिवार में शादी की तैयारी चल रही है या फिर बतौर मेहमान उन्हें किसी शादी-ब्याह में शामिल होना है। यही वजह है कि भले ही सहालग शुरू होने में अभी डेढ़ महीने से ज्यादा वक्त है लेकिन शादियों वाले घर में अभी से उनके नियम-कायदे बनने लगे हैं। शादियों के लिए खरीददारी शुरू हो चुकी है लिहाजा इसका असर बाजार में भी नजर आ रहा है। लोगों की मंशा है कि खरीददारी भी सुरक्षित ढंग से की जाए लिहाजा पिछले सालों की तरह बाजार में ज्यादा भीड़भाड़ नजर नहीं आ रही है। कारोबारियों का भी मानना है कि शादियों की खरीददारी तो हो रही है लेकिन लोग भीड़भाड़ से बचना चाहते हैं इसलिए फिलहाल कारोबार की रफ्तार काफी सुस्त है। हो सकता है कि सहालग नजदीक आने के साथ यह रफ्तार कुछ बढ़े।

भीड़भाड़ से बचने के लिए ऑनलाइन खरीददारी पर जोर.. शॉपिंग साइट्स पर भी ऑफरों की भरमार

शादी-ब्याह की खरीददारी लोगों का जोर आमतौर पर मेहमानों और वर या वधू पक्ष की पसंद और नापसंद का ख्याल रखते हुए दुकानों से करने पर रहता है लेकिन इस बार कुछ हद तक इस मामले में समझौता किया जा रहा है। शादी-ब्याह के जिस सामान की खरीददारी बगैर कोई जोखिम उठाए ऑनलाइन की जा सकती है, उसे ऑनलाइन ही खरीदा जा रहा है। यही वजह है कि ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर इस बार शादी-ब्याह वाले घरों के लिए भी ऑफरों की भरमार नजर आ रही है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में बेटे की शादी करने जा रहे राजेंद्रनगर के एक परिवार के मुताबिक उन्होंने ज्यादातर कपड़े ऑनलाइन खरीदे हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रानिक्स का सामान भी ऑनलाइन ही खरीदने की योजना है। हालांकि काफी खरीददारी बाजार से भी करनी पड़ेगी, इसी कारण वे अभी से लगातार खरीददारी कर रहे हैं ताकि ऐन मौके पर बाजार की भीड़भाड़ में ज्यादा भागदौड़ न करनी पड़े।

छोटे बरातघरों के बजाय खुले लॉन में करेंगे पार्टी ताकि मेहमानों के बीच बनी रहे दूरी

कोरोना के खतरे की वजह से शादियों में भी भीड़भाड़ से बचने की कोशिश की जा रही है। तमाम लोगों का कहना है कि सरकार ने दो सौ लोगों की सीमा तो तय कर दी है लेकिन इसका पालन होना काफी मुश्किल है। मेहमानों को थोड़ा कम तो किया जा सकता है लेकिन शादी-ब्याह ऐसा मौका नहीं है जिसमें मजबूरी का वास्ता देकर सारे नाते-रिश्तेदारों और दोस्तों से पल्ला झाड़ लिया जाए। इसीलिए कोशिश की जा रही है कि शादी ऐसी जगह हो जहां मेहमानों के बीच शारीरिक दूरी बनी रहे और खासतौर पर दावत के समय मारामारी की नौबत न आए। इसी वजह से छोटे बरातघरों के बजाय ऐसी जगहों की बुकिंग कराने की कोशिश की जा रही है जहां खुले मैदान में लोग दूरी बनाए रखकर भी शादी का लुत्फ उठा सके। पीलीभीत रोड के एक मैरिज लॉन के प्रबंधक मुताबिक उनके पास जिस संख्या में बुकिंग आ रही हैं, उनसे लोगों की यह मंशा साफ झलक रही है। हालांकि शादी-ब्याह के लिए शहर में ऐसी जगहों की संख्या भी सीमित भी है लिहाजा हर किसी की यह तमन्ना पूरी हो पाना मुमकिन नहीं है।

निमंत्रण के साथ आग्रह भी.. पूरी तरह हों स्वस्थ तभी आएं शादी की दावत में

शादी वाले कई परिवारों के मुताबिक उनके जेहन में यह भी है कि शादी में कोई ऐसा मेहमान शामिल न हो जो स्वस्थ न हो। लिहाजा उन्होंने फैसला लिया है कि उन्होंने मेहमानों को निमंत्रण भेजते वक्त पूरी विनम्रता के साथ यह भी आग्रह करेंगे कि वे तभी शादी में आएं जब पूरी तरह स्वस्थ हों क्योंकि उन्हें अस्वस्थ देखकर बाकी मेहमानों का शादी में आने का मजा किरकिरा हो सकता है।

कैटरर को हिदायत.. सुरक्षित ढंग से मेहमानों तक पहुंचे खाना

शादी-ब्याह की दावतों में भी सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है। बरातघरों में इसके लिए अलग से गाइड लाइन बनाई गई है। इस बार शादी-ब्याह की दावतों में वेटर भी मास्क, ग्लब्स और कैप जैसे सुरक्षा इंतजामों से लैस नजर आएंगे। सिविल लाइंस के एक बैंक्वेट हॉल के मालिक के मुताबिक शादी के लिए बुकिंग कराने वालों का इस बात पर काफी जोर है कि खाने-पीने के दौरान कुछ ऐसा न हो कि उनके मेहमान किसी जोखिम में पड़ जाएं।

सरकार की पाबंदी अपनी जगह मगर शादी तो पूरी धूमधाम से ही होगी

राज्य सरकार की ओर से शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में अधिकतम दो सौ लोगों के शामिल होने की सीमा तय की गई है लेकिन ज्यादातर लोगों का कहना है कि शादी बार-बार नहीं होगी लिहाजा वे उसे जितना धूमधाम से कर सकते हैं, उतनी धूमधाम से करेंगे। कुछ बरातघरों के मुताबिक लोग जिस तरह बुकिंग कराना चाह रहे हैं, उससे साफ जाहिर है कि सरकार की यह पाबंदी ज्यादा असरदार साबित नहीं हो पाएगी। सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि शादी-ब्याह में यह गिनती करने कौन आएगा कि कितने मेहमान उसमें शामिल हुए हैं।

अनलॉक-5 में दो सौ लोग आयोजन में शामिल होने की अनुमति दी गई है। लोगों ने बुकिंग भी शुरू करा दी है। हालांकि होटल में ऐसे ही लोग बुकिंग करा रहे हैं जिन्होंने सौ-सवा सौ मेहमानों की ही सीमा तय कर रखी है। - गिरीश ओबराय, होटल एसोसिएशन

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शादी-ब्याह में दो सौ लोगोें के शामिल होने की सीमा तय करने से हम लोगों को फायदा नहीं होगा। सरकार को शादी-ब्याह में पांच सौ लोगों के शामिल होने की अनुमति देनी चाहिए तभी कैटरर और हलवाई को पूरी तरह राहत मिल पाएगी। - पंकज माहेश्वरी, कैटरर/हलवाई

मेहमानों के बीच दूरी बनाए रखने के लिए लोग खुला लॉन ज्यादा पसंद कर रहे हैं। यह भी आग्रह किया जा रहा है कि लॉन में ऐसी व्यवस्था की जाए कि कोई खतरे में न पड़े। दो सौ लोगों की अनुमति मिलने के बाद बुकिंग भी बढ़ रही है। - कुलजीत सिंह बेदी, लॉन मालिक

प्लेट लगाकर अलग ले जाइए.. मास्क हटाकर खाना खाइए

बरेली। अगले माह होने वाले शादी-ब्याह आयोजनों में पहली देखने को मिलेगा कि अतिथि मुंह पर मास्क लगाकर आएंगे और खाना खाते समय उसे हटाते नजर आएंगे। ऐसा नजारा कोरोना से ही संभव हो पाया। इसके साथ ही आयोजन में ज्यादातर लोग खान-पान से बचते भी नजर और कम भीड़ में आयोजन का मजा भी ले सकेंगे।
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अनलॉक-5 में सरकार ने शादी-ब्याह और अन्य कार्यक्रमों में दो सौ लोगों के शामिल होने की अनुमति दी है। लेकिन दो सौ लोगों के बीच किसी शादी-ब्याह का आयोजन बेहद अटपटा ही लगता है लेकिन यह सब कोरोना की ही देन है। कोरोना का कारनामा आपसी रिश्तों पर भी भारी पड़ता दिख रहा है। क्योंकि आयोजकों की कश्मकश है कि दो सौ लोगों की सूची में किसे रखा जाए और किसे छोड़ दिया। अगले माह सहालग होना हैं। लेकिन कोरोना काल में बाजार और समाज में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जो लोग शादी-ब्याह में ज्यादा लोगों को दावत देने और भव्य समारोह करते रहे हैं वे अब छोटे आयोजन तक सीमित हो जाएंगे। बरातघर और होटलों की जगह खुले लॉन उनकी पहली पसंद बन रहे हैं। क्याेंकि खुले में आयोजन होने से शारीरिक दूरी का पालन संभव होगा। हालांकि अनलॉक-5 में प्रतिबंधों के बीच लोगों ने बदलने का मन बना लिया है। लेकिन कैटर और हलवाई दो सौ लोगों की अनुमति मिलने से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि बरातघरों के साइज के हिसाब से अनुमति और कम से कम पांच सौ लोगों को शामिल होने दिया जाए। हालांकि लोगों ने अभी से खुले लॉन और बरात घरों की बुकिंग कराना शुरू कर दिया है।
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