बेसिक शिक्षा विभाग की परीक्षा मजाक- मजाक में निपट गई। अब मूल्यांकन भी जैसे- तैसे निपटाया जा रहा है। किसी बच्चे को फेल करना नहीं है इसलिए जो बच्चे अनुपस्थित थे वे भी और जिन्होंने कापी कोरी छोड़ दी वे भी। सब पास होंगे। बच्चों का रिजल्ट 30 मार्च को स्कूलों में बांटा जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने बच्चों की परीक्षाओं का आयोजन इसलिए कराया ताकि उन्होंने साल भर कितना सीखा इसे परखा जा सके। लेकिन शिक्षकाें द्वारा जो कापियां जा रही हैं उनमें अधिकतर बच्चों की कापियां ऐसी हैं जो सिर्फ भरी हुई हैं। कुछ में सवाल उतरे हैं जबकि कुछ कोरी हैं। अंग्रेजी क ी कापियों में बच्चों ने ऐसा लिखा है कि शिक्षकाें के समझ से परे है। शहर में प्राइमरी की कापियां जसोली और बालजति प्राथमिक विद्यालयों में जांची गई। जूनियर हाईस्कूल की कापियां कोहाड़ापीर अध्ययन केंद्र पर जंची। इसके अलावा ब्लाक स्तर पर भी संसाधन केंद्रों पर कापियों का मूल्यांकन हुआ।
- पहले दिन ही जंच गई सभी कापियां
जसोली प्राथमिक विद्यालय में मूल्यांकन प्रभारी हरीश बाबू शर्मा ने बताया कि उनके यहां करीब 67 स्कूलों की कापियां जंचने को आई थीं। सभी कापियां जांच ली गई हैं। वहीं क ई अन्य केंद्रों पर भी आधे से अधिक कापियां जंच गई हैं। बची कापियां रविवार को जांची जाएंगी। करीब दो लाख बच्चों की कापियां जांची जानी है।
- कई केंद्रों पर दरी पर बैठकर जांची कापियां
रिछा बीआरसी केंद्र पर दरी पर बैठकर शिक्षकाें ने कापियां जांची। कापियां इतनी पतली है कि शिक्षकाें को उन्हें अपने हाथ पर लेकर जांचना पड़ा।
- 30 को परिणाम, रिजल्ट शीट आई नहीं
30 को स्कूलों में बच्चों का परिणाम बताया जाएगा। शासन के निर्देश पर रिजल्ट बांटना है, लेकिन अभी तक नंबर चढ़ाने के लिए रिजल्ट शीट नहीं आई है।