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‘दीक्षांत समारोह का अर्थ केवल डिग्रियां लेना नहीं, संस्कार पाना है’

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दीक्षांत समारोह में स्टूडेंट्स को सम्मानित करते देवमूर्ति। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। एसआरएमएस ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेकभनोलॉजी में शनिवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम यूनिवर्सिटी लखनऊ के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने बीटेक, एमबीए, बीफार्मा, एमसीएम व एमटेक के सफल स्टूडेंट को उपाधि, प्रशस्ति पत्र व पदक प्रदान किए। विशिष्ट अतिथि यूएन ग्लोबल कंपैक्ट नेटवर्क इंडिया के कार्यकारी निदेशक योगी श्रीराम व एसआरएमएस ट्रस्ट के अध्यक्ष देवमूर्ति ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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ट्रस्ट के अध्यक्ष ने कहा कि आज सभी डिग्री प्राप्तकर्ताओं के लिए जीवन का एक बड़ा और यादगार दिन है, क्योंकि आज न केवल आपके सपने सच हो रहे हैं, बल्कि जिन लोगों ने आपके लिए और आपके साथ सपने देखे हैं, उनके सपने भी सच हो रहे है। महाविद्यालय के डीन एकेडिमिक्स प्रोफेसर डॉ. प्रभाकर गुप्ता ने बताया कि 2018-19 के 85 प्रतिशत छात्र/छात्राओं का प्लेसमेंट विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में हुआ है। 2020 में 260 छात्र/छात्राओं का प्लेसमेंट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में हुआ।
प्रोफेसर डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि कहा कि पश्चिमी सभ्यता में दीक्षांत कन्वोकेशन का अर्थ केवल डिग्री प्राप्त करना होता है, जबकि भारतीय संस्कृति में दीक्षांत का अर्थ है डिग्री के साथ-साथ संस्कार प्राप्त करना भी होता हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंकिता टंडन ने किया। इस मौके पर ट्रस्ट प्रशासक सुभाष मेहरा आदि मौजूद रहे।
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