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रोडवेज के संविदा कंडक्टरों की भर्ती पर रोक

Wed, 29 Jun 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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धांधली की शिकायत के बाद परिवहन निगम प्रबंधन ने बरेली परिक्षेत्र में संविदा कंडक्टरों की भर्ती पर रोक लगा दी है। यह फैसला मेरिट वालों को दरकिनार कर अयोग्य आवेदकों के चयन और एक दो लाख रुपये तक की वसूली की शिकायत के बाद लिया गया। प्रबंध निदेशक ने पूरे मामले के जांच के आदेश भी दिए हैं।  बरेली रीजन में 55 पदों के लिए 677 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें सामान्य वर्ग के 297, पिछड़ा वर्ग से 204, एससी/एसटी से 176 आवेदन हुए थे। आरोप है कि मेरिट वालों को दरकिनार कर कम नंबर वालों का चयन किया गया। इस मनमानी से 80 प्रतिशत नंबर पाने वाले चयन प्रक्रिया से अलग हो गए। कर्मचारी संयुक्त परिषद ने खुलेआम आरोप लगाए कि जिन्होंने आवेदन नहीं किया उन्हें भी ज्वाइनिंग देने की तैयारी है।  प्रबंध निदेशक आशीष गोयल ने कहा है कि यदि कोई ज्वाइनिंग हो गई है तो उसे बस रूट पर ना जाने दिया जाए। मंगलवार दोपहर आदेश के प्रति क्षेत्रीय प्रबंधक बरेली प्रभाकर मिश्रा के कार्यालय पहुंच गई।  
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आरएम ने कहा, गड़बड़ी पाई गई तो होगी कार्रवाई
बरेली। क्षेत्रीय प्रबंधक आरएम प्रभाकर मिश्रा ने दावा किया गया संविदा ड्राइवरों की भर्ती मेरिट से हो रही है। फिर भी यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर कार्रवाई होगी। मंगलवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जो आवेदक साक्षात्कार और प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं हुए वही आवेदक भर्ती से वंचित रह गए हैं। फिर भी उनकी मेरिट को देखते हुए उन्हें प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। उन्होंने कहा कि सीधे आवेदन करने वालों की भर्ती की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। भर्ती के लिए ओबीसी संवर्ग आरक्षित नहीं था इसलिए इस वर्ग के आवेदकों की भर्ती पर विचार करना संभव नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी आवेदक 35, 38 और 40 प्रतिशत मेरिट के आधार पर भर्ती नहीं किया गया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ तथाकथित पदाधिकारियों के कुछ आवेदकों से पैसे लेकर भर्ती की सिफारिश की थी मगर मेरिट न होने पर उनकी भर्ती नहीं हो सकी। इस कारण वे निगम के विरुद्ध अनुचित बयानबाजी की रही है। इससे निगम की छवि प्रभावित हो रही है। 
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