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UP News: नौकरी से निकाले जाने का विरोध, धरना प्रदर्शन में निष्कासित संविदा बिजली कर्मी की हालत बिगड़ी

Wed, 05 Feb 2025 05:27 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

Bareilly News: बरेली में निष्कासित संविदा कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का विरोध जारी है। निष्कासित कर्मचारियों ने बुधवार को बिजली निगम के मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान एक कर्मचारी की तबीयत बिगड़ गई। 
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बेहोश हुआ संविदा बिजली कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में बिजली निगम के मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना दे रहे निष्कासित संविदा कर्मियों में से एक की बुधवार दोपहर बाद हालत बिगड़ गई। आनन-फानन उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथी की हालत बिगड़ने से नाराज अन्य निष्कासित कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय पर काफी देर तक हंगामा किया।

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बिजली निगम के 168 संविदा कर्मचारियों को नोटिस दिए बिना ही मुख्यालय स्तर से एक फरवरी को उनकी संविदा समाप्त कर दी गई थी। इसके विरोध में निष्कासित कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता रणविजय सिंह को उनके कार्यालय में ही छह घंटे तक बंधक बनाए रखा था। काफी समझाने पर कर्मचारी शांत हो गए थे, लेकिन धरना जारी रखा था। बुधवार को भी सुबह 11 बजे से निष्कासित कर्मचारी मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

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अपराह्न तीन बजे निष्कासित कर्मचारी डालचंद्र को सीने में दर्द की शिकायत हुई। उनकी हालत बिगड़ने लगी। इससे वहां खलबली मच गई। मुख्य अभियंता भी मौके पर आ गए। डालचंद्र को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया गया। वहां उनको इमरजेंसी में भर्ती कर लिया गया है। अब उनकी हालत में सुधार है। 

बाद में धरना दे रहे कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में संविदा बहाल होने तक आंदोलन जारी रखने की धमकी दी गई है। आजमनगर निवासी डालचंद्र की तैनाती किला उपकेंद्र पर थी।

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सपा जिलाध्यक्ष बोले- नहीं हुई सुनवाई तो साथ बैठेंगे धरने पर
दोपहर दो बजे सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर निष्कासित कर्मचारियों की नहीं सुनी गई तो वह भी उनके साथ धरने पर बैठेंगे। कर्मचारियों की लड़ाई लखनऊ तक लड़ेंगे। उन्होंने गौसगंज में मुस्लिम समाज के उत्पीड़न का भी आरोप लगाया।



मुख्य अभियंता रणविजय सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की संविदा मुख्यालय स्तर से समाप्त की गई है। स्थानीय अधिकारियों की भूमिका नहीं है। कर्मचारियों की ओर से मिले ज्ञापन को मुख्यालय भेज दिया गया है। वहां से निर्देश मिलने का इंतजार किया जा रहा है। 
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