फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: घटतौली के खेल में लुट रहे उपभोक्ता, सो रहे जिम्मेदार

Thu, 15 Oct 2026 12:11 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। मिलावटखोरी और घटतौली के खेल में उपभोक्ता लुट रहे हैं। मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग त्योहारों पर छिटपुट जांच व कार्रवाई कर भी देता है, लेकिन घटतौली रोकने के लिए बाट-माप विभाग की कार्रवाई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आती। ये आंकड़ों की बाजीगरी कर खुद ही अपनी पीठ थपथपा लेते हैं।
विज्ञापन

ये है दावा
बाट-माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक मुकुल रंजन उपाध्याय ने चालू वित्त वर्ष में कैंट, डेलापीर, कुतुबखाना, बड़ा बाजार और श्यामगंज समेत शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों के 240 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करने का दावा किया है। उनके मुताबिक, तौल से जुड़ी अनियमितताएं मिलने पर 157 मामलों में समन जारी कर नौ लाख रुपये जुर्माना वसूला गया है, जबकि 83 मामले अदालत में विचाराधीन हैं। इन प्रतिष्ठानों से जुर्माने और बाट-माप उपकरणों के सत्यापन शुल्क को मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये जमा कराए जाएंगे।
ये है हकीकत
शहर की ज्यादातर दुकानों पर मिठाइयां डिब्बे सहित तौली जा रही हैं। देहात क्षेत्रों में लकड़ी के तराजू और ईंट-पत्थर के बाट इस्तेमाल किए जा रहे हैं। शहर में भी ठेलों पर फेरी लगाकर सामान बेचने वालों के काटा-बाट दुरुस्त नहीं होते। किराना, सब्जियों से लेकर फलों तक की खरीद में उपभोक्ता घटतौली का शिकार हो रहे हैं। सराफा बाजार में काटा जरा सा हिल जाए तो हजारों रुपये के वारे-न्यारे हो जाते हैं। मिलावट और गुणवत्ता में कमी से जुड़े मामले उपभोक्ता अदालतों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन घटतौली के मामलों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन

मामला 1
सीबीगंज स्थित मिठाई की दुकान पर प्रति किलो 50 ग्राम से ज्यादा की घटतौली की जा रही थी। जांच में पकड़े जाने पर दुकानदार को नोटिस जारी कर जुर्माना वसूला गया।
मामला 2
डेलापीर स्थित एक प्रतिष्ठान पर घटतौली की शिकायत मिली थी। जांच में पता चला कि परचून कारोबारी प्रति किलो करीब 75 ग्राम कम तौल कर रहा था।
व्यापारी भी कार्रवाई पर उठाते हैं सवाल
बाट-माप विभाग की कार्रवाई के दौरान टीम के साथ अवैध वसूली करने वाले लोगों की मौजूदगी का आरोप लगाते हुए व्यापारी भी सवाल उठा चुके हैं। व्यापारी नेता अनिल अग्रवाल का कहना है कि बाट-माप समेत कई विभाग ऐसे हैं, जो त्योहारों के सीजन पर सक्रिय होते हैं और दुकानदारों का शोषण करते हैं। कुछ लोग निरीक्षण के लिए दुकानों पर पहुंचते हैं, लेकिन उनके पास विभागीय पहचान पत्र या कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज नहीं होते। ऐसे में आशंका इस बात की रहती है कि कहीं कुछ लोग विभागीय अधिकारी या कर्मचारी बनकर व्यापारियों पर दबाव तो नहीं बना रहे हैं।

वर्जन
अवैध वसूली के आरोप गलत हैं। विभागीय टीम निरीक्षण के दौरान मशीनों की शुद्धता और उनके सत्यापन की स्थिति पर विशेष ध्यान देती है। घटतौली रोकने के लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे। - मुकुल रंजन उपाध्याय, वरिष्ठ निरीक्षक, बाट-माप विभाग
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें