बहेड़ी/देवरनियां। बिजली बिल राहत योजना के तहत बिल में छूट का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। शनिवार को उपखंड कार्यालय पर बिल रिवीजन की आईडी ही नहीं खुल पाई। लापरवाही को लेकर कई उपभोक्ताओं ने विरोध भी जताया।
बिजली बिल राहत योजना के तहत उपभोक्ताओं को ब्याज पर 100 प्रतिशत और मूल बकाया पर 25 प्रतिशत तक की छूट (भुगतान के समय के अनुसार), दी जा रही है। विद्युत उपखंड कार्यालय देवरनियां से देवरनियां के साथ ही धौराटांडा, शेरगढ़ और जाफरपुर उपकेंद्र से पोषित इलाके जुड़े हैं।
चारों बिजलीघरों से जुड़े उपभोक्ता बिल जमा करने के लिए उपखंड कार्यालय आ रहे हैं। बिल रिवीजन की आईडी न चलने की वजह से इन्हें परेशान होना पड़ रहा है। कई-कई घंटे इंतजार के बाद भी काम न होने से परेशान उपभोक्ताओं का गुस्सा भी फूट रहा है।
शनिवार को आक्रोशित उपभोक्ताओं ने विरोध जताया तो अफसरों ने ऊपर से ही दिक्कत होने की बात कही। किसान नेता मुस्तफा उर्फ लल्ला खां ने कहा है विद्युत निगम को अपना सिस्टम ठीक कराना चाहिए। बार-बार चक्कर लगाने से छूट से ज्यादा तो पेट्रोल में खर्च हो जा रहा है।
उपखंड अधिकारी (एसडीओ) विशाल कंसल ने बताया कि तकनीकी खामी सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को छूट का लाभ मिले।
आरोप : खपत से ज्यादा का भेज रहे बिल
मीरगंज। विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत कार्यरत मीटर रीडरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर उपभोक्ताओं ने शिकायत की है। कहा कि मीटर रीडिंग सही से न होने की वजह से खपत से ज्यादा का बिल आ रहा है। विभागीय अधिकारी भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। शाही के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी जगतपाल सिंह ने बताया कि वास्तविक खपत से कई गुना अधिक बिजली बिल भेजा जा रहा है। उन्होंने विद्युत उपखंड मीरगंज के उपखंड अधिकारी से शिकायत भी की, अब तक समाधान नहीं हुआ है। कई अन्य उपभोक्ताओं ने भी शिकायत दर्ज कराई है। संवाद
लटकते तार सही न होने से रोष
भड़सर। विद्युत निगम की लापरवाही के चलते क्षेत्र में कई जगह बिजली के तार काफी नीचे लटक रहे हैं। इनसे हादसे की आशंका बनी रहती है। गांव भटपुरा जागीर निवासी रतनलाल, विजयपाल, रामपाल, चंद्रपाल, नरोत्तम, शिवलाल आदि ने बताया कि खेतों से गुजर रही लाइन भी काफी नीचे है। जोताई करते समय लाइन ट्रैक्टर से छूने की आशंका रहती है। गन्ने की ट्रैक्टर-ट्रॉली भी सावधानी से निकालनी पड़ती है। उन्होंने जर्जर तारों को बदलने की मांग की। संवाद