बरेली। मानसून के कारण इन दिनों बाइपास, रिंग रोड और बरेली-मथुरा हाईवे का निर्माण थम गया है। ऐसे में इन दिनों नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) का ध्यान बरेली होकर गुजरने वाले गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण समेत अन्य कागजी कार्रवाई पूरी करने पर है। इसके लिए एनएचएआई की बरेली शाखा बरेली से लखीमपुर खीरी तक संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट भेज चुकी है। एक्सप्रेसवे नवाबगंज और बहेड़ी तहसीलों के 68 गांवों से होकर गुजरेगा।
बरेली-मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण और देवचरा-भमोरा के बीच बाइपास निर्माण का काम दो साल पहले शुरू हुआ था। अब तक 20 फीसदी काम हो सका है। झुमका तिराहे से रजऊ के बीच रिंग रोड का काम इसी वर्ष शुरू हुआ है। यहां भी 16 फीसदी काम हो चुका है। मानसून आने के बाद ये काम थम गए हैं। बरेली-मथुरा हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे और मिट्टी के ढेर लगे हैं। बारिश के दौरान यहां फिसलन हो रही है।
रामगंगा के पास दाे फ्लाईओवर निर्माणाधीन हैं। यहां भी स्थिति खराब है। झुमका के पास बनाए जा रहे इंटरचेंज का काम अधर में है। यहां भी गड्ढों के कारण जलभराव व फिसलन हो रही है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि मानसून में निर्माण और मिट़्टी संबंधी काम रोक दिए गए हैं। गड्ढों को भरा जा रहा है। खतरे वाले स्थानों पर संकेतक भी लगाए गए हैं। मानसून के बाद काम तेजी पकड़ेगा।
अंडरपास निर्माण के काम भी रुके
बारिश के कारण इन दिनों सिटी स्टेशन के बाकरगंज, चौधरी का तालाब, इज्जतनगर डीआरएम कार्यालय और रेलवे कारखाना की क्रॉसिंग पर बनाए जा रहेे अंडरपास का काम भी रुक गया है। बाकरगंज और चौधरी का तालाब अंडरपास निर्माण की मियाद को दो बार बढ़ाया जा चुका है। इसके बाद भी समय से काम पूरा नहीं हो सका है। चारों अंडरपास का निर्माण पूरा न होने से रोजाना करीब 50 हजार लोग प्रभावित हो रहे हैं।
मानसून के दौरान निर्माणाधीन परियोजनाओं की गति धीमी हुई है। मानसून के बाद काम तेज होगा। फिलहाल, गोरखपुर-शामली हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। - अश्वनी चौहान, परियोजना प्रबंधक एनएचएआई