बरेली में मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से लावारिश लाशों का सौदा करने के आरोपी कोतवाली में तैनात सिपाही नरेंद्र प्रताप को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। मामले से जुड़े ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। जिला अस्पताल के पोस्टमॉर्टम हाउस पर तैनात एजेंसी के कर्मचारी को सीएमओ ने हटा दिया है। जांच के लिए संयुक्त टीम गठित की गई है।
सोशल मीडिया पर बृहस्पतिवार को वायरल वीडियो में दिखाया जा रहा है कि शहर और दूसरे जिलों में स्थित मेडिकल कॉलेजों को जिला अस्पताल की मोर्चरी से लावारिश लाशें बेची जा रही हैं। नियमानुसार मोचर्री व पोस्टमॉर्टम हाउस पर आने वाली लावारिश लाशों का 72 घंटे में अंतिम संस्कार कर देना चाहिए। आरोप है कि पोस्टमॉर्टम हाउस पर तैनात कर्मचारी सुनील व सिपाही नरेंद्र की मदद से लावारिश लाशों को मेडिकल कॉलेज वालों के हाथ 40 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक में बेचा जा रहा था।
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कागजों में दिखा देते थे शवों का अंतिम संस्कार
ये लोग कागजों पर ऐसे शवों का फर्जी अंतिम संस्कार दिखाकर अनुदान भी हड़प लेते थे। सुनील एक ठेका एजेंसी का कर्मचारी है जो पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम का सहयोग करता है। वीडियो में वही सौदेबाजी करता दिख रहा है। सीएमओ के आदेश पर उसे हटा दिया गया है। वहीं एसएसपी अनुराग आर्य ने सिपाही नरेंद्र प्रताप को निलंबित कर दिया है जो सौदेबाजी के साथ ही इंस्पेक्टर को साधने की बात कह रहा है।