बरेली। प्रतिबंधित चीनी मांझे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए किला पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 129 चरखी चीनी मांझा बरामद किया है। यह खेप हरिद्वार से बसों के जरिये बरेली लाई जा रही थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। इससे पहले पुलिस ने नौ मांझा कारीगरों को गिरफ्तार किया था।
सीओ टू नितिन कुमार ने बताया कि किला थाना प्रभारी को शनिवार रात शहर में चीनी मांझे की सप्लाई की सूचना मिली थी। पुलिस ने श्मशान भूमि फाटक से सराय तल्फी रोड पर घेराबंदी की। रात नौ बजे यात्री शेड के पास से बारादरी के गंगापुर निवासी विक्की और गौरव नाम के दो लोगों को शक के आधार पर पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से प्रतिबंधित चीनी मांझा मिला।
सीओ के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि वे हरिद्वार निवासी नितेश से मांझा मंगवाते हैं। ऑर्डर के बाद मांझे की खेप बस से बरेली भेजी जाती है, जिसे वे हासिल कर लेते हैं। आरोपी इस मांझे को चोरी-छिपे ग्राहकों तक पहुंचाते थे। वे फुटकर में महंगे दामों पर मांझा बेचकर मुनाफा कमाते थे। पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल स्थानीय खरीदारों व विक्रेताओं की तलाश कर रही है। विक्की के खिलाफ बारादरी थाने में पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं।
चीनी मांझे के खतरे
जानकारों के मुताबिक, शीशे के घोल से तैयार होने वाला चीनी मांझा मानव और जानवरों के लिए गंभीर खतरा है। इससे पशु-पक्षी घायल होते हैं और उनकी मौत भी हो जाती है। बीते कुछ वर्षों में शहर में सैकड़ों लोग इस मांझे से घायल हुए हैं। नाइलॉन का बना यह मांझा जल्दी नहीं गलता, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान होता है।