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फेंके गए पर्चों का फरीदाबाद से निकल रहा कनेक्शन

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फेंके गए पत्र दिखाते लोग। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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कोरोना वैक्सीन के खिलाफ जहर उगलता है वहां की एक संस्था का डॉक्टर
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संस्था का हेल्पलाइन नंबर लिखा मिला है पर्चों पर, कोरोना को फ्लू बताता है
डॉक्टर के फेसबुक ग्रुपों से जुड़े हैं बरेली के लोग, सच तलाशने में जुटी पुलिस

बरेली। राजेंद्रनगर में कोरोना वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाने के लिए घरों में फेंके गए पर्चे पर लिखा नंबर फरीदाबाद (हरियाणा) की एक संस्था का हेल्पलाइन का है जो कोरोना पीड़ितों के निशुल्क इलाज व देखरेख का दावा करती है। संस्था का संचालक डॉक्टर पहले भी कोरोना बीमारी को व्यवसाय का साधन बताकर साक्षात्कार दे चुका है। वहीं सोशल मीडिया पर कोरोना वैक्सीन के बारे में उसने भ्रम फैला रखा है। फेसबुक पर कई ग्रुप से उससे बरेली शहर के भी कई लोग जुड़े हैं। अब पुलिस डॉक्टर के बरेली कनेक्शन की जांच करेगी।
फेंके गए पत्र में निशुल्क आयुर्वेदिक परामर्श के लिए एक मोबाइल नंबर लिखा है। रविवार को कॉल की तो पता लगा कि नंबर फरीदाबाद के किसी डॉक्टर का है। बाद में नंबर स्विच ऑफ हो गया था। अमर उजाला टीम ने पड़ताल की तो चौंकाने वाले कई तथ्य सामने आए। यह नंबर एक संस्था के हेल्पलाइन के तौर पर इस्तेमाल होता रहा है। संस्था संक्रमित कोरोना मरीजों का इलाज बिना खर्च और बिना दवाइयों के करने का दावा करती है। जो डॉक्टर संस्था संचालित कर रहा है वह खुद कई बार कोरोना को मामूली फ्लू बताकर साक्षात्कार दे चुका है। उसके यह वीडियो साक्षात्कार यूट्यूब ने इंटरनेट पर अपलोड कर रखे हैं।
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अब डॉक्टर का नया वीडियो कोरोना वैक्सीन को लेकर बनाया गया है। इसमें भी कही गई बातें राजेंद्रनगर में फेंके पत्रों से काफी हद तक मेल खा रही हैं। डॉक्टर ने वीडियो में कोरोना वैक्सीन को लेकर कई भ्रामक दावे किए हैं। डॉक्टर के पुराने वीडियो में दावा किया गया था कि कोरोना की अफवाह दवाओं और वैक्सीन का कारोबार फैलाने के लिए बनाई गई है।
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कोरोना को महज फ्लू बताने वाले और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज का दावा करने वाला डॉक्टर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता है। उसके कई फेसबुक ग्रुप भी बने हैं जिनसे बरेली के लोग भी जुड़े हैं। कई लोगों ने डॉक्टर के समर्थन में भी वीडियो डाले हैं। माना जा रहा है कि पर्चा फेंकने में ऐेसे किसी शख्स की मिलीभगत हो सकती है। साथ ही डॉक्टर का नंबर पत्र में किसी साजिश के तहत भी लिखा जा सकता है। पुलिस इसका खुलासा करने का प्रयास कर रही है।
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