इन अफसर-कर्मियों पर भी गाज गिरना तय
घोटाले से जुड़ी एक पूरक रिपोर्ट में लेखपाल आशीष कुमार, मुकेश कुमार, विनय, दिनेश चंद्र, विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय के तत्कालीन अमीन अनुज वर्मा, ग्राम विलहरा माफी व मुडलिया गोसू के क्षेत्रीय लेखपाल मुकेश गंगवार, हेमंतडांडी के क्षेत्रीय लेखपाल तेजपाल, ग्राम भैंसहा के क्षेत्रीय लेखपाल ज्ञानदीप गंगवार, उगनपुर के क्षेत्रीय लेखपाल मुकेश कुमार मिश्रा, अमरिया के क्षेत्रीय लेखपाल विनय कुमार व दिनेश चंद्र और ग्राम हुसैन नगर एवं सरदार नगर के क्षेत्रीय लेखपाल आलोक कुमार को भी गड़बड़ियों का जिम्मेदार ठहराया गया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक, इन्हें भी शीघ्र ही निलंबित कर दिया जाएगा।
अधिकारियों ने पर्यवेक्षण में बरती शिथिलिता
सीडीओ की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि पूरे प्रकरण में शिथिलता एवं लापरवाही बरतने तथा सम्यक रूप से परीक्षण न करने के लिए आशीष कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, बरेली एवं तत्कालीन विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी बरेली मदन कुमार को दोषी पाया।
कमिश्नर की जांच रिपोर्ट में इनके नाम
कमिश्नर की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट में तत्कालीन भूमि अध्याप्ति अधिकारी आशीष कुमार, मदन कुमार, सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, राजीव पांडेय को जिम्मेदार माना गया है। इनके साथ ही एनएचएआई के तत्कालीन परियोजना निदेशक एआर चित्रांशी व बीपी पाठक को जिम्मेदार पाया गया है। एनएचएआई के साइट इंजीनियर पीयूष जैन व पारस त्यागी पर भी कार्रवाई होनी है।
एनएचएआई की ओर से नामित एजेंसी साईं सिस्ट्रा ग्रुप के प्रतिनिधि उजैर अख्तर, एसए इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंसी लिमिटेड के प्रतिनिधि राजीव कुमार व सुनील कुमार दोषी पाए गए हैं। श्री शिवम सर्वेइंग सिस्टम , वैल्यूअर रविंद्र गंगवार व सुरेश कुमार गर्ग को भी दोषी माना गया है। पीलीभीत के तत्कालीन अधिशासी अभियंता उदय नारायण और एई सुरेंद्र कुमार समेत 23 कर्मचारियों-अधिकारियों के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। 19 पेशेवर खरीदारों के नाम भी भेजे गए हैं।