बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामभक्तों को 22 जनवरी के बाद राम मंदिर के दर्शन करने के लिए अयोध्या आने का न्योता दिया है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा है कि आपके जन प्रतिनिधि और संगठन के लोग जो योजना बनाएंगे, उस कार्यक्रम के तहत आप अयोध्या आएं। अपने-अपने विधायक व सांसद से संपर्क कर 22 के बाद की तिथि अभी से तय करा लें। वह खर्चा उठाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए मैं उनसे कहूंगा कि वह कुछ गाड़ियां बुक करा देंगे और तिथि बताएंगे।
बरेली क्लब में जिले की 3405 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास करने के साथ जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से पूछा कि ...अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए आप तैयार है न? जनता ने हां में जवाब दिया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि जन प्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रम के अनुसार यहां से अयोध्या के लिए आइए और आराम से लखनऊ में रुकिए। सांसद-विधायक साथ होंगे तो जलपान, भोजन भी कराएंगे। अयोध्या में दर्शन करवाने की व्यवस्था भी हम लोग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों में लोग अयोध्या का नाम लेने से डरते थे। उन्हें लगता था कि अयोध्या का नाम ले लेंगे तो उन पर कलंक लग जाएगा, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। 500 वर्षों की तपस्या और संघर्ष समाप्त हो चुका है। आज पूरी दुनिया अयोध्या आना चाहती है। अब अयोध्या में सड़क, हवाई और रेल कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि अब नये भारत के नये उत्तर प्रदेश में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के भक्तों को त्रेतायुगीन अयोध्या के दर्शन होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 से 21 जनवरी तक लोग अपने नगर, गांव, वार्ड, मोहल्ले में स्वच्छता का कार्यक्रम चलाएं। कहीं कूड़ा न रहे। ऐसे सफाई करें जैसे दीपावली से पहले आप अपने घरों की करते हैं। आज जैसे प्रभु श्री राम अयोध्या में विराजमान हो रहे हैं वैसे ही कल आपके नगर में घर विराजमान होंगे, इसी दृष्टि से सफाई करना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के अलावा 16 जनवरी से हर गांव, नगर में राम नाम संकीर्तन, अखंड रामायण के कार्यक्रम की तैयारी कीजिए। रामलीला का मंचन कीजिए और 22 को बड़ी स्क्रीन लगाकर रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लाइव देखिए। उस दिन सार्वजनिक अवकाश होगा। उस दिन अपने-अपने गांव, नगर में भंडारे का आयोजन कीजिए। शाम को घरों, मंदिरों, सार्वजनिक स्थानों में दीप जलाकर नई दीपावली मनाएं। कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, वन एवं पर्यावरण के राज्य मंत्री डॉ अरुण कुमार कुमार सक्सेना, सांसद बरेली संतोष गंगवार, सांसद आंवला धर्मेंद्र कश्यप, महापौर डॉ. उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, विधायक राघवेंद्र शर्मा, एमपी आर्य सहित भारी संख्या में लाभार्थी और लोग मौजूद थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले बरेली में महीनों कर्फ्यू लगता था। मैं जब सांसद था और कार्यकर्ताओं ने मुझसे कहा कहा कि यहां कर्फ्यू लगाकर प्रताड़ना हो रही है तो मैंने भी आने का कार्यक्रम बनाया था, लेकिन मुझे नहीं आने दिया गया। आज माहौल बदल गया है। अब कर्फ्यू लगाने वालों के घरों में कर्फ्यू लग जाता है। अब कोई कर्फ्यू की बात नहीं करेगा। यही नया उत्तर प्रदेश है। बरेली ही नहीं रामपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर में भी कर्फ्यू लगता था। अब हमने कर्फ्यू को कांवड़ यात्रा में बदल दिया है। घंट और घड़ियाल बजाते हुए पूरे प्रदेश में शानदार तरीके से कांवड़ यात्रा निकलती है। पिछले छह-सात वर्ष से कहीं कर्फ्यू नहीं लगता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले रोजगार के नाम पर एक परिवार पूरे प्रदेश में जाकर नौजवानों से वसूली करता था। हमारी सरकार ने पिछले छह वर्ष में छह लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। एक करोड़ 75 लाख से अधिक नौजवानों को निजी क्षेत्र में नौकरी दी है। आज ओडीओपी की बात पूरे प्रदेश में हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकार बहन-बेटियों के लिए खतरा बनने वाले शरारती तत्वों को प्रश्रय देती थी। आज उन शरारती तत्वों के लिए उत्तर प्रदेश की पुलिस खतरा बनी हुई है। आज तख्ती लगाकर अपराधी बख्शने की मांग करते हैं।
मुख्यमंत्री ने जनसभा के बाद विकास भवन में मंडल के जिलों की समीक्षा करने के बाद कहा कि शाहजहांपुर व बरेली को सेफ सिटी के रूप में विकसित करना है। इसके अलावा नगर पालिका परिषद बदायूं, पीलीभीत को भी सेफ सिटी के रूप में कैसे विकसित कर सकते हैं, इस बारे में भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ सरकार की योजना नहीं होगी बल्कि आमजन की भी भागीदारी रहेगी। सेफ सिटी के इस प्रोजेक्ट में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से हम शहर की सुरक्षा, सड़क ट्रैफिक की व्यवस्था व स्वच्छता को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। जल्द ही इसका एक स्वरूप देखने को मिलेगा। जन प्रतिनिधियों ने सुझाव व प्रस्ताव दिए हैं। कई स्वीकृत हो चुके हैं और कई पर विचार हो रहा है। प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर चारों जिलों का उनकी अनंत संभावनाओं को देखते हुए विकास होगा।