बरेली। करीब बीस साल पहले मर चुके संतोष टंडन नाम के शख्स की फर्जी पहचान ओढ़कर राजू नाम के शख्स ने करोड़ों की जमीन का सौदा कर दिया था। मामले में दर्ज मुकदमे में इज्जतनगर थाने के विवेचक जावेद ने मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर जाने जा रहे पीलीभीत के राइस मिलर व उसके पार्टनर को जांच में बरी कर दिया, बाकी नौ लोगों के नाम चार्जशीट लगा दी गई।
23 नवंबर 2024 को इज्जतनगर थाने में प्रियंका टंडन की ओर से यह रिपोर्ट कराई गई थी कि पीलीभीत के राइस मिलर अर्पित अग्रवाल और उसके सहयोगियों ने उनके मृतक पिता संतोष टंडन की जगह किसी दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर सात करोड़ की जमीन का एग्रीमेंट करवा लिया है। अर्पित व साथियों पर आरोप था कि उनके पिता के आधार कार्ड से लेकर पैन कार्ड और सभी सरकारी दस्तावेज तैयार कराकर राष्ट्रद्रोह जैसा अपराध किया गया। बरेली की एक राइस मिल के मालिक के बेटे की गारंटी पर संतेाष टंडन का बैंक आफ बड़ौदा में खाता भी खुलवाया गया। धोखेबाजों ने एग्रीमेंट की रकम दिखावे को इस बैंक खाते में डलवाकर फिर अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया।
मामले में धोखाधड़ी के आरोपी माने जा रहे अर्पित अग्रवाल और उसके पार्टनर दवा कारोबारी नितेंद्र नाथ मिश्रा ने कार्रवाई से बचने के लिए इज्जतनगर थाने में इसी दिन क्रास एफआईआर दर्ज करा दी। इसमें वादी के तौर पर अर्पित और नितेंद्र दोनों के नाम थे। इस लिहाज से इन्हें जेल जाने से पहले अग्रिम जमानत मिल गई। चार्जशीट कोर्ट में फाइल होने तक आरोपियों को जमानत दी गई। बताते हैं कि इसी अवधि में दोनों ने पुलिस से सांठगांठ कर अपने नाम मुकदमे से निकलवा लिए, जबकि बाकी नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई। ब्यूरो
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इन आरोपियों के खिलाफ लगी चार्जशीट
शाहजहांपुर के फैक्ट्री स्टेट निवासी पुरुषोत्तम गंगवार, पीलीभीत के बीसलपुर निवासी अंकुर कुमार जैसवार, राजकुमार, ओमप्रकाश, इज्जतनगर के करमपुर चौधरी निवासी नन्हे अहमद, शाही निवासी नरवीर वर्मा, खवाजुद्दीन, बबलू कश्यप, राजू उर्फ राजवीर के खिलाफ धोखाधड़ी जालसाजी समेत कई धाराओं में चार्जशीट लगाई गई है।
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राइस मिलर के मुकदमे में भी लगी चार्जशीट
- इज्जतनगर थाने में राइस मिलर अर्पित अग्रवाल की ओर से संतोष टंडन, बबलू कश्यप, ख्वाजुद्दीन, नन्हे अहमद के साथ ही अपने ही पार्टनर नरवीर वर्मा, अंकुर जैसवार, पुरुषोत्तम गंगवार और राजकुमार के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई थी। उन्होंने सफाई दी थी कि विवादित जमीन का इकरारनामा उन्होंने अपने हक में कराया था लेकिन उनको इस जमीन के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी। इन्हीं लोगों ने उसे कथित संतोष टंडन से मिलवाया था। विवेचक ने इन सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी है।