20 साल पहले मयूर वन चेतना केंद्र के पास सिविल एयर एन्क्लेव शुरू करने के लिए एक आधारशिला रखी गई थी, सरकारें बनी और चली गई। उनके एजेंडे में शायद बरेली से हवाई सेवा शुरू कराना नहीं था जिसके चलते इतना लंबा समय बीता। पिछले साल से कुछ गतिविधियां बढ़ी हैं और भूमि अधिग्रहण भी हुआ। कुछ जमीन कम पड़ी तो प्रशासन ने सहयोग कर अधिग्रहण कराया। प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को पूरा करने से पहले एक कदम आगे बढ़कर काम किया है। प्रस्तावित मिनी हवाई अड्डे का नामकरण। गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधियाें का कहना है कि जब नामकरण हो गया तो जल्द से जल्द हवाई सेवा शुरू करायी जाए। प्रमुख लोगों से हुुई बातचीत के अंश।
हमने कराई थी शुरूआत
- सिविल एंक्लेव के निर्माण का प्रयास मैंने किया था। पहला चेक 12.50 करोड़ रुपये का सुप्रिया ऐरन ने तब प्रशासन को सौंपा था। इसका नाम नाथ नगरी अच्छा है, मैं इसके पक्ष में हूं लेकिन यह नामकरण राजनीतिक हित के लिए और मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ही किया गया है- प्रवीण ऐरन, पूर्व सांसद
औद्योगिक विकास बढ़ेगा
- जब नामकरण हो गया है तो हवाई सेवाएं भी जल्द शुरू हाेंगी। इससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और नए उद्योग पनपेंगे। साथ ही दिल्ली, लखनऊ की दूरियां कम होंगी।- घनश्याम खंडेलवाल, चेयरमैन, चेंबर ऑफ कामर्स
एक अच्छा फैसला
- बरेली की पहचान ही नाथ नगरी से है। यह अच्छा फै सला है और मैं इसका स्वागत करता हूं। एयरपोर्ट के आने से बरेली और समृद्ध होगा।- देवमूर्ति, चेयरमैन, एसआरएमएस
समय और पैसे की बचत
- बरेली से हवाई सेवाएं शुरू होने से मेडिकल क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ जाएंगी। किसी भी गंभीर मरीज को दिल्ली या अन्य स्थान पर एयरलिफ्ट करना आसान होगा। अन्य शहर से बड़ा डॉक्टर बुलाना भी आसान होगा। इससे समय और पैसे की बचत होगी।- डॉ. एके चौहान, वरिष्ठ चिकित्सक
व्यापार के लिए सौगात
- व्यापार और उद्योग के लिए हवाई सेवा सौगात लेकर आएगी। बरेली में लोग निवेश करना पसंद करेंगे। टेक्सटाइल पार्क और अन्य परियोजना पहले से ही लंबित हैं इनको गति मिलेगी।- दिनेश गोयल, मंडल अध्यक्ष, आईआईए
दूर होंगी दूरियां
- योगी सरकार ने 20 साल पुरानी लंबित परियोजना को गति दी है नामकरण कर दिया गया है जल्द से जल्द हवाई सेवा भी शुरू होगी। इससे कारोबार, चिकित्सा, शिक्षा क्षेत्र खासतौर से लाभांवित होगा। बाहर पढ़ने वाले बच्चों को जाने आने में सुविधा होगी और बरेली एक खास गतिविधि का केंद्र बनेगा।- राजेश अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री
रियल एस्टेट को लगेंगे पंख
- क्रेडाई ने जल्द से जल्द हवाई सेवाएं शुरू करने और नामकरण का आग्रह नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी से किया था। परियोजना कुछ एक कदम आगे बढ़ी है इससे रियल एस्टेट को पंख लगेंगे और गतिविधियां बढ़ेंगी। - रमनदीप, अध्यक्ष, क्रेडाई
शिक्षा क्षेत्र और बढ़ेगा
- उच्च शिक्षा क्षेत्र में बाहर से आने वाले विशेषज्ञ लेक्चर देने बरेली नहीं आना चाहते क्योंकि यातायात सुविधा बेहद लचर है। हवाई सेवा शुरू होने पर बाहर की कंपनियां प्लेसमेंट के लिए बरेली आएंगी और विशेषज्ञ अपना ज्ञान छात्रों को देंगे।- उमेश गौतम, कुलाधिपति, इंवर्टिस यूनिवर्सिटी