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भू माफिया कर रहे अवैध कब्जों की मार..कैसे बहेगी भैंसी नदी की अविरल धार

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पुवायां में नाला बनी भैंसी नदी - फोटो : POWAYAN
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पुवायां। गोमती की सहायक नदी भैंसी को पुर्नजीवित करने के प्रयास के तहत श्रमदान से नदी की सफाई का काम कोरोना के संकटकाल से पहले चल रहा था, लेकिन लॉकडाउन के बीच लोगों ने फिर से नदी पर कब्जा कर फसलों को बो दिया है। नदी के सैंकड़ों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे के चलते नदी की अविरल धार कैसे बहेगी, यह बड़ा सवाल है।
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भैंसी नदी का उद्गम स्थल पीलीभीत जनपद में भैंसार ताल है। बंडा और पुवायां क्षेत्र में भी तमाम स्थानों पर नदी का नामोनिशान मिटाकर खेती की जा रही है। भैंसी नदी भूगर्भीय चैनल के स्रोतों की नदी है। गोमती की सहायक भैंसी अपने जलस्रोतों से बहती थी। इसमें कई तालाबों से पानी आता था, लेकिन अब नदी में डेढ़ मीटर गाद जमी है और तालाब भी सूख गए हैं। दस साल से मृत पड़ी भैंसी नदी को पुर्नजीवित करने के लिए लोकभारती संस्था की ओर से 29 जुलाई 19 से सफाई अभियान चलाया जा रहा है। जन सहयोग से चलाए जा रहे इस अभियान से अब तक भैंसी नदी में काफी लंबे क्षेत्रफल में सफाई कार्य हो चुका है। इसी के तहत बंडा के गहलुइया क्षेत्र में झाबर पर जन सहयोग से लगभग छह किमी में बंधा बनाया गया था। 22 दिसंबर को इस बंधे से पानी नदी में छोड़ दिया गया था। अब नदी का पानी लगभग 15 किमी दूर गांव कर्रखेड़ा तक पहुंच चुका है, लेकिन आगे अब भी तमाम स्थानों पर नदी का मार्ग अवैध कब्जों के चलते अवरूद्ध है।
पुवायां के 37 गांवों से गुजरती है भैंसी
भैंसी नदी पुवायां तहसील के 37 गांवों से गुजरती है। नौ दिसंबर 19 को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह, सीडीओ और कई अधिकारियों सहित भैंसी नदी की धार को फिर से अविरल बनाने के लिए सफाई कार्य में हिस्सा ले चुके हैं, लेकिन अभी तमाम स्थानों से अवैध कब्जा नहीं हटवाया जा सका है। इसके अलावा कई स्थानों पर नदी से अवैध रूप से रेत खनन का काम भी किया जाता है।
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हजारों किसानों को होगा लाभ
भैंसी नदी की धार अविरल होने से नदी के 42 किमी के सफर में बसे सैकड़ों गांवों के हजारों किसानों को सिंचाई आदि में मदद मिलेगी। एक और बड़ा फायदा यह होगा कि भैंसी के फिर से बहने पर गोमती नदी में भी पानी बढ़ेगा और गोमती फिर से सदानीरा हो सकेगा।
भैंसी नदी का सफाई कार्य पूरा हो चुका है। गांव भौरखेड़ा में एक कुलावा है। कुलावा से नदी तक नाला बनना है। नाला बनने से बहाव में तेजी आ जाएगी। इस संबंध में लोकभारती संस्था की डीएम और सीडीओ से वार्ता हो चुकी है। अधिकारियों ने मनरेगा के तहत नाला खुदवाए जाने का आश्वासन दिया है। किसानों ने कहा है कि नदी में पानी आने पर खुद ही कब्जा हटा लेंगे।
विपिन शुक्ला, संयोजक, भैंसी नदी पुर्नजीवन अभियान
लोकभारती संस्था के पदाधिकारी शुक्रवार को हमसे मिले थे, कब्जे का मामला बताया था। मैंने लेखपालों की टीम बना दी है। एक दो दिन में चिन्हीकरण का काम शुरू हो जाएगा और इसके बाद कब्जा हटवाकर भैंसी नदी की जमीन खाली कराई जाएगी।
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दशरथ कुमार, एसडीएम पुवायां
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