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डिवाइडर से टकराई कार, एक की मौत, छह घायल

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पीलीभीत। बरखेड़ा थाने के गांव नारायण खेड़ा निवासी परिवार के साथ बदायूं में हादसा हो गया। एक महिला की अस्थियां लेकर परिवार के लोग दो कारों से कछला गंगाघाट पर विसर्जन के लिए जा रहे थे। बिनावर थाना क्षेत्र में चंदननगर खरैर के पास एक कार डिवाइडर से टकरा गई। इसमें ड्राइवर 55 वर्षीय कल्याण राय की मौके पर मौत हो गई। कार में सवार छह लोग घायल हो गए। घायल जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।
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नारायण खेड़ा निवासी नंदरानी नाम की महिला की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी। परिवार के लोग दो कारों से सुबह घर से उझानी क्षेत्र के कछला घाट पर अस्थि विसर्जन के लिए निकले थे। आगे चल रही कार में छह लोग और पीछे चल रही कार में सात लोग थे। बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे करीब चंदन नगर खरैर के पास दुर्घटना हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक डिवाइडर के कट पर अचानक निकले वाहन को बचाने में पीछे चल रही कार का ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद लहराती हुई कार डिवाइडर के कट वाले हिस्से में घुस गई। कार चला रहे नारायण खेड़ा के ही 55 वर्षीय कल्याण राय की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कार में सवार पातीराम (35), सुमेरलाल (50), महेश (28), कांता प्रसाद (35), महेंद्र (22), व लीलाधर (55) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों व राहगीरों ने कार से लोगों को निकालने में मदद की। इसी बीच आगे चल रही परिवार की दूसरी गाड़ी के लोग भी आ गए। कुछ देर को बरेली हाईवे की एक साइड पर जाम की स्थिति भी बनी। हालांकि तत्काल ही बिनावर पुलिस ने पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल भिजवा दिया। साथ ही मौके से वाहन हटवाकर रोड खुलवा दिया। इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। घायलों की स्थिति ठीक है। जानकारी मिली है कि इनमें से दो लोगों को परिवार ने बरेली रेफर कराया है।
चार दिन के भीतर परिवार में हुई दूसरी मौत हर कोई गमगीन
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के नरायनठेर गांव निवासी कढ़ेराम ने बताया कि वह चार भाई हैं। बड़े भाई नन्हेलाल की पत्नी 65 वर्षीय नंदरानी कैंसर से पीड़ित थीं। उनकी 13 जून को मौत हो गई थी। भाभी की अस्थियों का विसर्जन करने के लिए परिवार के 14 लोग दो कारों में सवार होकर बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे निकले थे। दूसरे बड़े भाई कल्यान राय भी गए थे, जिनकी हादसे में जान चली गई। भाभी की मौत के तीन दिन बाद ही देवर की हादसे में मौत की खबर घर पहुंची तो चीख पुकार मच गई। पति की मौत का पता लगते ही कल्यान की पत्नी रंपा देवी बेसुध हो गई। गांव में जिसने सुना, वह परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच गया।
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बच्चों की पढ़ाई के लिए बेची साढ़े सात बीघा जमीन
मृतक कल्याण राय के दो बेटे पातीराम, प्रमोद, जबकि तीन बेटी भगवानदेई, शकुंतला और आरती हैं। प्रमोद को छोड़ सभी की शादी हो चुकी है। भाई कढ़ेराम ने बताया कि कल्यान राय के पास दस बीघा जमीन थी। बच्चों को शिक्षित करने के लिए वह शुरू से ही गंभीर रहे थे। उन्होंने साढ़े सात बीघा जमीन बच्चों की पढ़ाई के लिए बेच दी थी, ढाई बीघा पर खेती करते थे। तीनों बेटियों के इंटरमीडिएट पास करने के बाद शादी कर दी थी। बड़ा बेटा पातीराम बीबीए, जबकि प्रमोद बीएससी कर चुका है। बड़ी बेटी भगवान देई की बेटी सीमा (18) की परवरिश भी उन्होंने शुरूआत से की थी। उसकी शादी धूमधाम से कराने की इच्छा थी।
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