बरेली। वैसे तो ढाई साल पहले जिला जेल को शहर की घनी आबादी से हटाकर 18 किमी दूर बिथरी चैनपुर में शिफ्ट किया जा चुका है, लेकिन अब जिला जेल की पुरानी इमारत को भी कैदियों को रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने का फैसला लिया गया है। शासन ने इस संबंध में जिला प्रशासन से कई बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी हैं।
जिला जेल को बिथरी चैनपुर में शिफ्ट किए जाने के बाद उसकी पुरानी इमारत की 84 एकड़ जमीन के लिए तत्कालीन डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह से बरेली सेंट्रल दि अर्बन हब प्रोजेक्ट तैयार किया था। इस प्रोजेक्ट को कई बार शासन में रखा गया मगर शासन में बात आगे बढ़ने से पहले ही पिछले साल बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के जरिये पुरानी जेल की 60 एकड़ जमीन कोर्ट कैंपस के लिए मांग ली। सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी लिहाजा हाईकोर्ट को सीधा इनकार करने के बजाय जिला जेल को वापस पुरानी बिल्डिंग में लाने की बात कहकर मामला टाल दिया। सरकार की ओर से हाईकोर्ट को लिखा गया कि बिथरी चैनपुर के केसरपुर गांव में बनी जेल की नई बिल्डिंग में सेंट्रल जेल को शिफ्ट किया जाएगा। अब शासन ने जिला जेल की पुरानी इमारत पर फिर फैसला बदला है। पुरानी बिल्डिंग में जिला जेल को वापस शिफ्ट करने के बजाय उसका विस्तार करके वहां भी कैदियों को रखे जाने की योजना बनाई जा रही है। शासन की तरफ से प्रशासन से भी इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
पुरानी बिल्डिंग में जिला जेल को शिफ्ट नहीं किया जाएगा बल्कि उसका इस्तेमाल जिला जेल को विस्तार देने के लिए करने के बारे में सोचा जा रहा है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि इस मामले में शासन का अंतिम फैसला क्या होगा। -नितीश कुमार, डीएम