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गाय भूखी मरती रहीं तो चारा ‘खाया’ किसने

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बरेली। कान्हा पशु आश्रय गृह में गायों की मौत पर अब नगर निगम और प्रशासन के अफसर चाहे जो सफाई दें लेकिन मेयर की ओर से अभी तक सामने रखे गए तथ्यों ने काफी कुछ स्थिति साफ कर दी है। दरअसल गायों की जरूरत के मुताबिक चारा और चोकर कान्हा पहुंच ही नहीं रहा था। नगर निगम के अफसर चारा सप्लायर की ओर से चार-चार चिट्ठियां लिखने के बावजूद उसका पैसा दबाए बैठे थे और इसका असर सीधे तौर पर चारे की सप्लाई पर पड़ रहा था। जरूरत से कम चारा-चोकर मिलने की वजह से कान्हा के संचालक ने भी सिर्फ दुधारू गायों का ख्याल रखा और बीमार-कमजोर गायें मरती रहीं। सोमवार को महराजगंज के डीएम के सस्पेंड होने के बाद निगम के अफसरों को होश आया तो उन्होंने चारा-चोकर की पूरी सप्लाई न करने पर सप्लायर को ही नोटिस जारी कर दिया। 15 अक्तूबर को उसे साढ़े 12 लाख का भुगतान भी भेज दिया।
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नगर निगम हर 15 दिन में कान्हा उपवन में चारे की सप्लाई के लिए वर्क ऑर्डर जारी करता है। चारा सप्लायर पंकज शर्मा के मुताबिक इस वर्क ऑर्डर में करीब 300 क्विंटल भूसा, 150 क्विंटल चोकर और 150 क्विंटल हरा चारा शामिल होता है। इस लिहाज से कान्हा की जरूरत का आकलन किया जाए तो उसे प्रतिदिन 20 क्विंटल भूसा, 10 क्विंटल चोकर, 10 क्विंटल हरा चारा मिलना चाहिए। मगर मंगलवार को जब मेयर कान्हा का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां सिर्फ तीन बोरी यानी डेढ़ क्विंटल चोकर ही मिला जो एक दिन की जरूरत पूरी करने लायक भी नहीं था। मेयर का आरोप है कि जानवरों को पर्याप्त चारा न मिलने और उनकी देखभाल न होने से ही मौत हो रही है।
मेयर ने योगी को लिखी चिट्ठी- सैकड़ों गोवंश मौत के मुंह में
मेयर ने कान्हा की हालत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिख दी है। इसमें उन्होंने कान्हा में पर्याप्त चारे-चोकर और दवाओं की सप्लाई न किए जाने का जिक्र किया है। मेयर ने कहा है कि कान्हा में गायों के साथ जिस तरह का बर्ताव किया जा रहा है वह काफी आपत्तिजनक और अमानवीय होने के साथ हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। मेयर ने कहा है कि कान्हा में भूखे रहने की वजह से ज्यादातर गायों की हालत काफी खराब है। यहां अभी और भी गायों की मौत हो सकती है।
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पैसा तो दिया नहीं, उल्टे अब धमका रहे हैं
चारा सप्लायर फर्म बरेली ब्रूमस्टिक के मालिक पंकज शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि नगर निगम ने 15 अगस्त के बाद से अब तक उन्हें भुगतान नहीं किया है। उनका नगर निगम पर अब तक 30 लाख से ज्यादा बकाया हो गया है। इसी वजह से उन्होंने चारा और चोकर की सप्लाई करने में असमर्थता जताते हुए निगम के अधिकारियों को चार पत्र भी लिखे थे। अब तक निगम के अधिकारियों ने उनसे इस बारे में कोई बात नहीं की, लेकिन अब अचानक उन्हें रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि मेयर के निरीक्षण के बाद उन्हें मंगलवार को 12.54 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
एक और बछड़ा मरा, कान्हा दौड़ी टीम
कान्हा में बुधवार को फिर एक बछड़े की मौत हो गई। हालांकि मेयर के निरीक्षण के बाद दहशत में आए निगम अफसरों ने बुधवार को टीम भेजकर वहां पर सफाई कराई। साथ ही चोकर, भूसा और हरे चारे की सप्लाई भी कर दी गई।
नगर आयुक्त ने जांच टीम बनाई
इस मामले में जांच के लिए नगर आयुक्त ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसमें अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह, जीएम जलकल राजेश यादव और प्रभारी चीफ इंजीनियर संजय चौहान को शामिल किया है। यह टीम तीन दिन में जांच करके नगर आयुक्त को रिपोर्ट देगी।

आमरण अनशन की चेतावनी
इस मामले को लेकर समाजसेवा मंच के अध्यक्ष नदीम शमसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर इस मामले में जांच और कार्रवाई नहीं की जाएगी तो वह आमरण अनशन करेंगे।

मुख्यमंत्री आज करेंगे गो आश्रय स्थलों की समीक्षा
बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम पांच बजे लोक भवन में प्रदेश के गो आश्रय स्थलों को लेकर समीक्षा करेंगे। इसको लेकर नगर निगम के अफसरों में हड़कंप है क्योंकि कान्हा उपवन के संबंध में मेयर उमेश गौतम ने उन्हें पत्र भेजकर शिकायत की है। साथ ही पूर्व में की गई शिकायत का भी हवाला दिया है।
अब सीवीओ भी सक्रिय, बोले- कान्हा से कम किया जाए गोवंश
एडी पशुपालन को लिखा पत्र, गोवंश की भरण-पोषण राशि भी बताई कम
बरेली। कान्हा में गोवंश की मौत का मामला उछलने के बाद पशुपालन विभाग में भी हड़कंप मचा है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित कुमार वर्मा ने अपर निदेशक पशु पालन विभाग को पत्र लिखकर कान्हा में क्षमता से अधिक गोवंश होने की बात कही है। उन्होंने इन पशुओं को अन्यत्र स्थानांतरित कराने की बात कही है। उनका कहना है कि पशुओं के भरण-पोषण के लिए 30 रुपये प्रतिदिन की राशि भी कम है। साथ ही आश्रय स्थल पर देखभाल करने के लिए श्रमिकों की देखभाल करने की भी बात कही है। विकासखंडों में स्थित 140 से अधिक गोशाला में एक गोवंश होने पर उसे अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है।
डीएम बोले- इस मामले में साजिश की बू

पशुओं के जो कंकाल मिले हैं, वे कई दिन पुराने हैं। यह किसी की साजिश भी हो सकती है। नगर आयुक्त पूरे मामले की जांच करा रहे हैं। नगर आयुक्त अगर इस मामले में फॉरेंसिक जांच कराने या अन्य कोई मदद मांगेंगे तो मदद की जाएगी।
- वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम

कान्हा उपवन में बीमार और घायल पशु भी आते हैं। बीमार पशुओं की मौत होना स्वाभाविक है। चारा सप्लायर ने कम चारा पहुंचाकर भुगतान के लिए दबाव बनाने की कोशिश की है। चारे का भुगतान होने में कुछ समय लगता है लेकिन ऐसा नहीं है कि भुगतान नहीं होता।
- संजीव प्रधान, प्रभारी अधिकारी कान्हा उपवन

अब लीपापोती कर रहे हैं अफसर: मेयर
मैं आश्चर्यचकित हूं कि निगम अफसर सिर्फ एक गाय की मौत की बात कह रहे हैं जबकि मीडिया वालों ने वहां खुद हकीकत देखी है। निगम अफसरों ने उस पर एक्शन लेने के बजाय लीपापोती शुरू कर दी है। मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया है।
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- उमेश गौतम, मेयर
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