बरेली। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत एसटीपी लगाने के लिए प्रशासन की ओर से एयरफोर्स गेट के पास ततारपुर में प्रशासन निजी भूमि का ही अधिग्रहण करेगा। पूर्व पार्षद ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के साथ कमिश्नर को शिकायत भेजी थी कि मौके पर सरकारी जमीन है, फिर भी प्रशासन निजी भूमि खरीद रहा है। डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार को इस संबंध में रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। नगर निगम और जल निगम की टीम के साथ सर्वे में सिटी मजिस्ट्रेट को यह मिला कि एयरफोर्स नाले के पास सरकारी जमीन तो है, लेकिन वह आरक्षित है। इसके लिए निजी भूमि को ही लिया जाना है।
ततारपुर में एसटीपी लगाने को करीब एक हजार वर्गमीटर जमीन चाहिए। नगरिया परीक्षित के पूर्व पार्षद अशोक अरोरा ने आपत्ति जताई थी कि एयरफोर्स नाले के पास नगर निगम की काफी जमीन है। इसे न लेकर पास ही एक निजी जमीन को खरीदा जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि किसी साठगांठ के तहत अधिकारी निजी जमीन खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस मामले की जांच करने सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार नगर निगम और जल निगम की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि जिस सरकारी जमीन के अधिग्रहण की बात कही जा रही है वो काफी पहले ग्राम सभा की थी और वह खाद के गड्ढों के लिए आरक्षित है। हालांकि बाद में यह नगर निगम में शामिल हो गई। अधिकारियों का कहना है कि आरक्षित जमीन लेने पर प्रशासन को इतनी ही भूमि दूसरी जगह पर उपलब्ध करानी होगी, जबकि प्रशासन के पास वहां आसपास एक हजार वर्गमीटर जमीन भी नहीं है। इसलिए निजी भूमि लेने पर ही सहमति बन गई है।
मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। एयरफोर्स नाले के पास सरकार की आरक्षित जमीन है। इसके बदले में प्रशासन को दूसरी जगह जमीन देनी होगी। इसलिए निजी भूमि पर ही निर्णय लिया गया है।
-मदन कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट