पुलिस ने भी संघ प्रमुख के लिए सघन सुरक्षा घेरा बनाया है। त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत रेंज के चुनिंदा अफसरों के साथ भारी तादाद में फोर्स उनकी सुरक्षा में तैनात किया जाएगा। खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया गया है। बरेली में गिने-चुने लोग ही उनसे मिल पाएंगे।
एडीजी जोन के निर्देश पर संघ प्रमुख की सुरक्षा में रेंज के चारों जिलों का फोर्स लगाया गया है। इसमें चार एएसपी, छह सीओ, 23 इंस्पेक्टर, सौ दरोगा और करीब 600 महिला-पुरुष सिपाही लगाए गए हैं। जेड प्लस सुरक्षा के आंतरिक घेरे के साथ बाहर पुलिस और पीएसी की तैनाती रहेगी।
तीन जोन और चार सेक्टर बनाए गए हैं जिनमें हर जोन की जिम्मेदारी एएसपी और सेक्टर की सीओ स्तर के अधिकारी को दी गई है। उनसे मुलाकात करने वालों को कड़े सुरक्षा मानकों से गुजरना पड़ेगा। उनके शहर में रहने तक शिफ्ट बदल-बदलकर स्टाफ को ड्यूटी पर लगाया जाएगा। दमकल और एंबुलेंस का इंतजाम भी रहेगा। संघ प्रमुख की वजह से शहर में कहीं डायवर्जन का प्लान नहीं है। हालांकि उनका फ्लीट गुजरते समय संबंधित स्थानों पर कुछ मिनट को जरूरत के हिसाब से ट्रैफिक रोका जा सकता है।
संघ प्रमुख को सघन सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। सुबह से ही फोर्स ड्यूटी पर मुस्तैद रहेगी। हालांकि कार्यक्रम की वजह से पब्लिक को भी कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-रविंद्र कुमार, प्रभारी एसएसपी
सीआईएसएफ के साथ स्वयंसेवक संभालेंगे आंतरिक सुरक्षा
संघ प्रमुख मोहन भागवत के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्य रूप से संघ प्रमुख की सुरक्षा की जिम्मेदारी आरएसएस और सीआईएसएफ पर रहेगी। उनके आंतरिक सुरक्षा घेरे में संघ के सौ से ज्यादा स्वयंसेवकों के साथ सीआईएसएफ के जवान लगाए जाएंगे।
शुक्रवार को ही सीआईएसएफ की टुकड़ी यहां पहुंच गई और डोहरा रोड पर जीआरएम स्कूल परिसर के साथ रुहेलखंड विश्वविद्यालय का भी मुआयना किया। दोनों स्थलों पर सुरक्षा के संबंध में जरूरी इंतजाम भी कराने के निर्देश दिए। संघ प्रमुख के कार्यक्रम में सिर्फ आमंत्रित लोग ही प्रवेश पा सकेंगे। अतिथियों को इसके लिए बार कोड युक्त आमंत्रण पत्र दिए गए हैं ताकि कोई अवांछित व्यक्ति उनके कार्यक्रम में घुसने में कामयाब न हो सके।