भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि 70 सालों में नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक किसी प्रधानमंत्री ने पड़ोसी देशों में वहां के अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों से उन्हें छुटकारा दिलाने की पहल नहीं की। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंगलादेश में हिंदू, सिख अल्पसंख्यकों के तौर पर नारकीय जिंदगी जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस नागरिकता कानून और नागरिक रजिस्टर पर देश में बवाल कराया जा रहा है, वह सभी देशों में होता है। भारत में इसे सिर्फ स्वार्थवश लागू नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून लागू होने से पड़ोसी देशों में प्रताड़ित लोगों के जीवन में सुधार आएगा। उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।