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सिस्टम बेहाल- बाढ़ से बर्बादी का तमाशा देखते हैं, माफिया के इशारे पर नकटिया नदी की धारा मोड़ दी

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नकटिया नदी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के पीछे मशीनों से खुदाई कराकर खेतों की ओर मोड़ा नदी का प्रवाह
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किसानों की सौ बीघा से ज्यादा जमीन बर्बाद, एसडीएम सदर ने बैठाई जांच, पैमाइश होगी
बरेली। सरकारी सिस्टम माफिया के हाथों में खुलकर खेल रहा है। जिले में हर साल बाढ़ से तबाही का खामोशी से नजारा देखने वाले बाढ़ खंड ने माफिया के इशारे पर डोहरा रोड पर रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के पीछे नकटिया नदी की मुख्य धारा को ही मोड़ दिया। दिलचस्प यह कि इस काम में सरकार की 15 लाख की रकम भी फूंक दी गई। मुख्य धारा का प्रवाह बदल जाने से किसानों की सौ बीघा से ज्यादा जमीन कट गई है। किसानों का आरोप है कि सारा गोलमाल नदी की जमीन पर माफिया का कब्जा कराने के लिए किया गया है। इस मामले में शिकायत के बाद एसडीएम सदर ने जांच शुरू करा दी है।
शहर से गुजरने वाली नकटिया नदी पर बड़े पैमाने पर तमाम अवैध कब्जे हो चुके हैं। बाढ़ खंड पर ही पहले भी नदी की जमीन पर माफिया का कब्जा कराने के आरोप लगते रहे हैं। अफसरों ने कब्जाई गई जमीन की कभी पैमाइश कराने की भी कोशिश नहीं की। अवैध कब्जों की वजह से नदी का बहाव जगह-जगह टूट चुका है। लगभग सूख चुकी नदी की मुख्य धारा की अब जहां-जहां जमीन बची है, उस पर भी माफिया की नजर जमी हुई है। अब एकाएक डोहरा रोड पर नकटिया पुल के पास नदी की जमीन पर हालात एकाएक बदलने लगे हैं। इस इलाके में कई कॉलोनियां बन चुकी हैं और कई का निर्माण अब भी चल रहा है। इसी बीच किसानों ने एक बार फिर बाढ़ खंड विभाग पर माफिया के इशारे पर नदी की जमीन पर कब्जा कराने की साजिश करने का आरोप लगाया है।
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दरअसल कुछ दिन पहले बाढ़ खंड ने डोहरा रोड पर नकटिया पुल के पास नदी की सफाई के नाम पर जेसीबी से खुदाई कराई है। बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि सफाई के दौरान खुदाई करते वक्त नदी की मुख्य धारा को प्रभावित नहीं किया गया है लेकिन नदी के पास जिन किसानों की जमीनें हैं, उनका आरोप है कि नदी की मुख्य धारा को मिट्टी डालकर मोड़ दिया गया है। इसके लिए पिछले महीने कई खेतों में अवैध तरीके से मशीनों से खुदाई की गई थी। इसके बाद नदी के बहाव की दिशा बदल गई है और इससे उनकी छह से सात हेक्टेयर जमीन का कटान हो गया है। बाकी जमीन भी बर्बाद होने की आशंका से किसान परेशान हैं।

हमारी जमीन बर्बाद कर दी, खतौनियां देख लो साहब
पीड़ित काश्तकारों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत सिंचाई विभाग और तहसील के अधिकारियों से की थी लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव चंदपुर बिचपुरी के कई किसानों ने एसडीएम ईशान प्रताप सिंह से शिकायत की है कि नदी के पास ही में उनकी जमीनें हैं जिन पर वे खेती करते हैं। इस गाटा नंबर पर खतौनी में भी उनका नाम दर्ज है। इसके बावजूद सरकारी स्टाफ ने माफिया की सांठगांठ से नदी को एक तरफ अवैध रूप से पाट दिया है। इसके बाद नदी का बहाव उनके खेतों की ओर हो गया है। काश्तकारों ने एसडीएम को नदी के बहाव का मानचित्र और अपने खेतों की गाटा संख्या का पूरा ब्योरा भी दिया है। एसडीएम ने इसकी जांच शुरू करा दी है।

नदी सफाई पर 15 लाख खर्च, मिट्टी खोदकर ऐसे ही छोड़ी
नदी की जमीन पर जगह-जगह पर कब्जे हैं। इस वजह से यहां पानी का बहाव ठीक नही है। इसकी सफाई के नाम पर बाढ़ खंड के पास करीब 15 लाख रुपये खर्च किए है। जबकि मिट्टी की खुदाई कर ऊंचे टीले बनाकर वहीं छोड़ दिए है। बारिश या पानी के बहाव में यह मिट्टी वापस नदी की धारा में बह जाएगी। इंजीनियरों के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
=मेरे पास करीब 47 मीटर लंबा खेत था लेकिन नदी का बहाव बदल देने से उसकी लंबाई केवल 28-30 मीटर ही रह गई है। इससे मुझे काफी नुकसान हुआ है। -श्रवण कुमार, चंदपुर बिचपुरी
=मशीनों से नदी की गलत दिशा में बहाव ले जाने के लिए मेरे खेत को खोद दिया गया। मैंने शिकायत भी की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। - नौबत सिंह, चंदपुर बिचपुरी
=मेरे पास तीन बीघा जमीन थी। खुदाई होने से मेरा तो पूरा खेत नदी में चला गया है। प्रशासन को जांच कराकर किसानों को न्याय दिलाना चाहिए।- ओमकार, चंदपुर बिचपुरी
=मेरे अपने खेत में पॉलेज की बुवाई की थी। नदी की सफाई के नाम पर खेत की जमीन कटने के साथ खेती भी बर्बाद हो गई है। - देवकी नंदन, चंदपुर बिचपुरी
=नदी का नक्शा देखे बगैर ऐसे ही कटान कर दिया गया। सही नापजोख होती तो किसानों का नुकसान नहीं होता। इसकी जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए। -जगदीश, चंदपुरी बिचपुरी

नदी की सफाई नक्शे के हिसाब से ही हुई है। इसमें काश्तकार को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। फिर भी किसानों ने ऐसी शिकायत है तो इसकी जांच करा लेंगे। -राजीव कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड
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नदी की धारा बदलकर अतिक्रमण कराने की शिकायत मेंरे पास आई है। इसकी जांच कराई जा रही है। तहसीलदार से भी जानकारी ली है। अगर यह सही है तो गंभीर मामला है और दोषियों पर कार्रवाई भी कड़ी की जाएगी। -ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
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