49 शिक्षकों का वेतन काटने के आदेश को चेतावनी में कर दिया तब्दील
बरेली। पिछले दिनों निरीक्षण में अनुपस्थित मिले 49 शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के डीएम के निर्देश को ही बीएसए ने पलट दिया है। उन्होंने वेतन कटौती की संस्तुति के बजाय सभी शिक्षकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया है। इसे लेकर अब विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि बीएसए ने नई तबादला नीति के तहत शिक्षकों की पात्रता बरकरार रखने के लिए यह खेल किया है।
डीएम के निर्देश पर 21 सितंबर को एसडीएम, एसीएम, तहसीलदार और बीईओ ने परिषदीय स्कूलों का औचक निरीक्षण किया था। इसमें ब्लॉकों के तमाम स्कूलों मेें बिना किसी सूचना के 49 शिक्षक अनुपस्थित मिले थे। अफसरों की रिपोर्ट पर डीएम ने सभी अनुपस्थित शिक्षकों का जवाब तलब करने के साथ ही उनका एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति की थी। तीन माह पहले हुई कार्रवाई पर 27 दिसंबर को बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने डीएम की संस्तुति रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए शिक्षकों को महज चेतावनी देकर छोड़ दिया। इसे लेकर बीएसए की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जाता है कि हाल ही में शासन की ओर से जारी नई तबादला नीति के तहत ‘दागी’ शिक्षक तबादले के लिए आवेदन नहीं कर सकते। इसमें एक दिन के वेतन की कटौती का आर्थिक दंड भुगतने वाले शिक्षक भी शामिल हैं। इसीलिए तबादला नीति जारी होने के बाद शिक्षकोें ने खुद को दागी सूची में शामिल होने से बचाने के लिए बीएसए से मिलकर यह खेल कराया है। इस मामले में बीएसए तनुजा त्रिपाठी का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर कई बार कॉल की गई, लेकिन फोन नॉट रीचेबल बताता रहा।