यह देश संविधान से चलेगा तानाशाही से नहीं। असजद मियां ने कहा कि गृह मंत्री के शब्दों से ऐसा लगता है कि दुनिया भर के हिंदू नागरिकता के लिए प्रयास कर रहे हैं। भारत के अलावा कोई भी देश उन्हें नागरिकता देने को तैयार नहीं है, जबकि वह अच्छी तरह वाकिफ हैं कि कई देशों ने पहले नागरिकता दे दी है।
उन्हें याद रखना चाहिए कि अगर उसी तरह की नागरिकता का पैमाना अन्य देशों में अपनाया जाता है तो सबसे बड़ा नुकसान भारत को होगा। विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार विदेशों में सबसे अधिक एक करोड़ 75 लाख भारतीय अन्य देशों के नागरिक हैं।