बरेली। भारत में हॉकी के शुक्रवार को 100 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस दौरान भारतीय टीम ने एशियाड और ओलंपिक सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कामयाबी हासिल की। इसमें शहर के खिलाड़ियों का भी योगदान रहा। बरेली के लिस्ले फ्रैंक, झम्मन लाल शर्मा और याकूब ने भारत को हॉकी में नई ऊंचाई दी।
वर्ष 1950 में शहर का डोरीलाल अग्रवाल स्पोर्ट्स स्टेडियम नई प्रतिभाओं को उभारने का केंद्र बना। यहां से हॉकी की प्रतिभाएं निखरकर निकलीं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचीं। उस दौर में हॉकी का जुनून हर गली-मोहल्ले में देखा जा सकता था। यहीं से एंडरसन लिस्ले फ्रैंक, झम्मन लाल शर्मा और याकूब खान जैसे सितारों ने अपने खेल की शुरुआत की और भारत के हॉकी इतिहास में सुनहरे अध्याय लिखे। 11 जुलाई 1942 को शहर में जन्मे एंडरसन लिस्ले फ्रैंक भारतीय हॉकी टीम में मिडफील्डर रहे हैं। लेफ्ट-हाफ पोजीशन पर खेलने वाले फ्रैंक ने वर्ष 1962, 1963 और 1965 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती। 1965 में जापान दौरे के लिए चुने जाने के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू हुआ। उन्होंने यूरोप और एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1966 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के अहम सदस्य रहे। साथ ही उन्होंने भारतीय रेलवे में भी सेवाएं दीं। संवाद
पद्मश्री अवॉर्डी हैं झम्मन लाल शर्मा
1932 में जन्मे झम्मन लाल शर्मा भारतीय हॉकी के प्रसिद्ध खिलाड़ी और कोच रहे। उन्होंने 1960 के रोम ओलंपिक में भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बतौर खिलाड़ी अपनी टीम को अहम उपलब्धियां दिलाने के बाद उन्होंने कोचिंग और प्रबंधन में भी योगदान दिया और एशियाई खेलों में भारतीय टीम के प्रबंधक रहे। भारत सरकार की ओर से उन्हें वर्ष 1990 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा जा चुका है।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी हैं गीता
शहर की गीता अरोरा शर्मा ने वर्ष 1983 में हॉकी करियर की शुरुआत की। उन्होंने लखनऊ स्पोर्ट्स हॉस्टल में प्रशिक्षण प्राप्त किया और आठ सीनियर नेशनल के साथ कई अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलीं। वर्ष 1992 में मलेशिया में एशिया कप में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने शहर और देश का गौरव बढ़ाया। गीता ने इंडियन रेलवे की टीम का भी प्रतिनिधित्व किया है।
रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्डी हैं रजनी
रजनी दीक्षित ने वर्ष 1984 में 37वीं सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लिया और 1985 में कोयंबटूर में कांस्य पदक जीता। इसके बाद उन्होंने भारत-चीन हॉकी टेस्ट सीरीज, सिंगापुर में चैंपियनशिप, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय गोल्ड कप और एशिया कप में देश का प्रतिनिधित्व किया और कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम की। उन्हें वर्ष 2020 में रानी लक्ष्मीबाई अवाॅर्ड से भी नवाजा जा चुका है।