अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच शहर में शीतल जल की व्यवस्था नदारद है। राज्य आपदा प्रबंधन के निर्देश पर नगर निगम सहित बीस सरकारी विभागों की ओर से तैयार किया गया सिटी हीटवेव प्लान केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया है। शहर के प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थानों और सरकारी कार्यालयों में शीतल जल के इंतजाम नहीं हैं, इस वजह से लोगों को परेशान होने के साथ जेब खर्च कर ठंडा पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है।
मंगलवार को सरकारी कार्यालयों में पेयजल व्यवस्था की जांच की गई, जहां स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर लगी स्मार्ट सिटी की कोविड काल में लगाई गई पानी की मशीन खराब पड़ी है। उसकी एक टोटी सेनेटाइजर वाली टूटी है और पानी वाली टोटी भी ठीक से काम नहीं कर रही है। कलक्ट्रेट परिसर में ही चकबंदी विभाग के सामने लगी टंकी से भी गर्म पानी आ रहा है। तहसील सदर में शीतल जल मशीन लगी है, लेकिन उससे भी गर्म पानी निकल रहा है। रजिस्ट्री दफ्तर में पानी के इंतजाम शून्य हैं। यही हालात विकास भवन के भी हैं, जहां दोनों गेट पर प्याऊ नहीं हैं। नगर निगम द्वारा कुछ साल पहले लगाए गए प्याऊ स्थल भी गायब हो चुके हैं।
अस्थायी ताप कियोस्क की स्थापना नहीं
नगर आयुक्त संजीव मौर्य की ओर तैयार किए गए 64 पेज के सिटी हीटवेव प्लान में अस्थायी ताप कियोस्क की स्थापना का प्रावधान था। इन कियोस्क में छाया, पीने का पानी, ओआरएस और दवाइयां उपलब्ध कराई जानी थीं। हीटवेव प्लान के अनुसार अस्थायी ताप कियोस्क की स्थापना करने के लिए सेटेलाइट बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड, रेलवे जंक्शन, सिटी रेलवे स्टेशन, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन, नैनीताल रोड, पीलीभीत रोड, डीडीपुरम, सिविल लाइंस, बड़ा बाजार, रामपुर रोड, बदायूं रोड, सुभाषनगर रोड, चौकी चौराहा, पटेल चौक, राजेंद्रनगर चयनित किए गए।हालांकि, प्लान शासन को भेजे जाने के बावजूद अभी तक इन कियोस्क की स्थापना नहीं हो पाई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।
यहां भी नहीं शीतल जल के इंतजाम
- गांधी उद्यान गेट के पास।
- चौकी चौराहे के आसपास।
- सेठ दामोदर स्वरूप पार्क।
- पटेल चौक के आसपास।
- श्यामतगंज चौराहे के आसपास।
- कचहरी के आसपास।