बरेली। तापमान में इजाफा होने के कारण बिजली की खपत भी बढ़ रही है। मार्च की तुलना में अप्रैल में तापमान बढ़ा तो शहरवासियों ने दो करोड़ यूनिट अतिरिक्त बिजली फूंक डाली। बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। उपकेंद्र ओवरलोडिंग का शिकार हो रहे हैं। मई में अतिरिक्त बिजली की खपत तीन करोड़ यूनिट तक पहुंचने का अनुमान है।
शहर में चार विद्युत वितरण खंडों में 2.40 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं। विद्युत निगम के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रथम खंड के उपभोक्ताओं ने मार्च में 1.50 करोड़ यूनिट बिजली खर्च की थी। अप्रैल में यह आंकड़ा 2.20 करोड़ यूनिट के पार पहुंच गया। यहां खपत में 70 लाख यूनिट का इजाफा हुआ है। द्वितीय डिवीजन के उपभोक्ताओं ने मार्च में 1.40 करोड़ यूनिट बिजली खर्च की थी। अप्रैल में यहां उपभोक्ताओं ने 1.90 करोड़ यूनिट बिजली खर्च की। इस तरह यहां 50 लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली की खपत हुई।
तृतीय डिवीजन के उपभोक्ताओं ने मार्च में 1.70 करोड़ यूनिट के मुकाबले अप्रैल में 2.10 करोड़ यूनिट बिजली खर्च की। यहां मार्च के मुकाबले अप्रैल में 40 लाख यूनिट ज्यादा बिजली खर्च हुई। चतुर्थ डिवीजन में मार्च में 1.50 करोड़ यूनिट बिजली खर्च हुई थी। वहीं, अप्रैल में 40 लाख अतिरिक्त यूनिट के साथ खपत का आंकड़ा 1.90 करोड़ यूनिट तक पहुंच गया। अप्रैल के मुकाबले मई में अतिरिक्त खपत का आंकड़ा तीन करोड़ यूनिट तक पहुंचने का अनुमान है।
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मार्च के मुकाबले अप्रैल-मई में अतिरिक्त बिजली खपत होती है। जून के अंत तक मानसून सक्रिय होने के बाद खपत कम हो जाती है। - रणविजय सिंह, मुख्य अभियंता